ऐसे में आगे के रास्ते खोलने के लिए गीता ने अपनी पढ़ाई पूरी करने की ठानी। पति से चर्चा की, तो उन्होंने भी हां कर दी और हर तरीके से सहयोग की बात कही। 2005 में पास के ही गांव सैदनगर से गीता ने हाईस्कूल किया और इसके बाद 2007 में इंटर पास किया।
बताते चलें कि पढ़ाई के साथ ही घर की स्थितियों को देखते हुए 2005 में ही गीता राजीव गांधी स्वर्ण जयंती योजना से जुड़ गईं। इन्होंने इस योजना के अंतर्गत ही 20 हजार रुपये का लोन लेकर गांव की ही दस महिलाओं का समूह बनाया और पांच बीघा खेत बटाई पर लेकर उसमें गेहूं की खेती की। सभी महिलाओं की दिन-रात की मेहनत रंग लाई और अच्छा मुनाफा हुआ। इससे गीता के साथ ही अब 10 और परिवारों की भी स्थितियां सुधरने लगीं।
लगभग तीन साल यही काम करने के बाद 2008 में गीता एलआईसी और पोस्ट आफिस की एजेंट बन गईं। अब घर चलाना और आसान हो गया, लेकिन इस बीच अपनी तरह संघर्ष करने वाली अन्य महिलाओं को भी नहीं भूलीं। वह किसी न किसी रूप में महिलाओं को आगे बढ़कर स्वावलंबी बनने के रास्ते बताती रहीं। 2016 में गीता फिर एक बार महिलाओं को सशक्त करने के लिए एनआएलएम योजना से जुड़ गईं।
इसके तहत उन्होंने समूह सखी बनकर महिलाओं को स्वरोजगार करने के लिए जागरूकता की इस मुहिम को और तेज कर दी। 2017 में उनके जज्बे को देखकर उन्होंने पदोन्नती देकर आईसीआरपी बना दिया गया।
बनाए 120 समूह, 1200 महिलाएं बनीं सशक्त
2017 से 2019 तक एनआरएलएम के पद पर रहकर उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक किया और 120 समूह बनाए। इससे जुड़ी लगभग 1200 महिलाओं को स्वरोजगार दिलाने का काम किया।
75 वर्ष में पहली बार मौखरी से प्रधान बनीं गीता
समूहों के लिए काम करके गीता देवी ने अपने ही नहीं आसपास के गांवों में लोगों का विश्वास जीता। यही कारण है कि ग्राम पंचायत के चुनाव में 2021 में कुइया की प्रधान चुनी गईं। गीता बताती हैं कि आजादी के बाद से अभी तक सभी प्रधान कुइया से ही चुने जाते थे। यह पहली बार है कि कुइया के लोगों ने मझरे मौखरी की महिला को मौका दिया। गीता कहती हैं उनकी सफलता में उनके पति का बहुत बड़ा योगदान है। यदि वह पढऩे न देते तो शायद आज वह इस मुकाम पर न होतीं।
बच्चों को दिलाई बेहतर शिक्षा
गीता देवी और उनके पति राजकुमार कम पढ़े लिखे थे। ऐसे में उन्होंने पढ़ाई के महत्व को समझते हुए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई है। गीता के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी अलका बीटीसी किए हुए है और उसकी शादी हो चुकी है। उसके बाद बड़ा बेटे आकाश को दतिया से बीएससी नर्सिंग कराई है। छोटा बेटा अंकिम भी स्नातक हो चुका है।