हत्यारों के नक्सली कनेक्शन की बात भी सामने आई थी। सीबीआई जांच में भी मामला दबता देख आईआईटी के एक पूर्व छात्र ने आरटीआई के तहत इस संबंध में सवाल पूछा था, जिसके जवाब और पैरवी होने पर पुन: जांच तेज हुई। चर्चा है कि नीरज गौड़ छह साल तक एनएचएआई के बनारस-गया सेक्शन में तैनात रहे।
इसलिए वहां के काकस के संबंध में जानकारी होगी, जिसके संबंध में पूछताछ की गई। यह भी चर्चा है कि सीबीआई ने नीरज गौड़ की एनएचएआई में तैनाती के इदौरान उक्त सेक्शन के टोल में ठेकेदार को करीब 30 करोड़ का लाभ पहुंचाने के मामले में पूछताछ की।