कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, सीएसए में चल रही सेमेस्टर परीक्षाओं में बीएससी कम्यूनिटी साइंस की परीक्षा में परीक्षार्थियों को उत्तर लिखे प्रश्न पत्र बांट दिए गए। मामले का पता चलते ही
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की विषम सेमेस्टर परीक्षा में बुधवार को बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर लिखा प्रश्नपत्र बांट दिया गया। यह देख छात्राओं ने फटाफट उत्तर लिखने शुरू कर दिए। इसी बीच एक छात्रा ने प्रश्न के सामने उत्तर लिखे होने की बात कही। तब जाकर शिक्षकों को मामले का पता चला। रजिस्ट्रॉर प्रो. सीएल मौर्या मौके पर पहुंचे और उत्तर लिखे प्रश्नों को निरस्त कराकर परीक्षा पूरी कराई।
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दोपहर दो से पांच बजे की शिफ्ट में बीएससी कम्यूनिटी साइंस के पांचवें सेमेस्टर का रिटेलिंग एंड मर्चेंडाइजिंग टेक्सटाइल एंड अपैरल का पेपर था। 100 अंकों के प्रश्नपत्र में एक-एक नंबर के 40 बहुविकल्पीय और 60 अंकों के विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे गए। छात्राओं को बांटे गए प्रश्नपत्र में 10 बहुविकल्पीय सवालों के उत्तर सामने लिखे थे। कहा जा रहा प्रेस से छपाई के दौरान यह गलती हो गई। परीक्षा में 33 छात्राएं शामिल थीं।
गेस्ट फैकल्टी को बनाया मॉडरेटर, नहीं निभाई जिम्मेदारी
परीक्षा में प्रश्नपत्रों की जांच करने के लिए एक मॉडरेटर बनाया जाता है, जो कि परीक्षा के एक घंटे पहले प्रश्नपत्रों को देखकर सवाल, अंक और विषय की जांच करता है। विवि प्रशासन ने गेस्ट फैकल्टी शुमायल अंजुम को मॉडरेटर बनाया था। पर उन्होंने प्रश्नपत्रों की जांच नहीं की।
40 बहुविकल्पीय प्रश्नों में 10 के उत्तर छपे थे। इन प्रश्नों को निरस्त कर परीक्षा कराई गई
है। अब शेष प्रश्नों के आधार पर परीक्षा के अंक दिए जाएंगे। हालांकि पूर्णांक 100 नंबरों का
ही होगा।- डॉ. वेदरतन, डीन होम साइंस
आखिरी के कुछ प्रश्नों में गड़बड़ी थी, उनको निरस्त कर दिया गया है। ऐसी कोई बात नहीं
है। परीक्षा सकुशल हो गई है। - प्रो. सीएल मौर्या, रजिस्टॉर सीएसए