पीरियड्स को लेकर दकियानूसी सोच पर टीवी कलाकार माही विज ने कही ये बड़ी बात
Mon, 24 Sep 2018 01:10 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
सार
- व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला के ‘सपनों की उड़ान’ कार्यक्रम में टीवी अभिनेत्री माही विज ने रखे विचार
- मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. किरण पांडेय ने भी कहा हमें सोच बदलने की जरूरत
टीवी कलाकार माही विज ने कहा कि मासिक धर्म (पीरियड्स) के प्रति अब दकियानूसी सोच को बदलने की आवश्यकता है। यह समझना होगा कि मासिक धर्म स्त्री की शारीरिक बनावट की वजह से होते हैं और यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस विषय पर चुप रहने, खुलकर बात न करने से कई बार महिलाएं गंभीर बीमारियों का भी शिकार हो जाती हैं। खासकर किशोरियों को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार करने की आवश्यकता है। डॉ. किरण पांडेय ने भी माताओं को बेटी के मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
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व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला की ओर से रविवार को यूपी के कानपुर में कैनाल रोड स्थित जुहारी देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुए कार्यक्रम ‘सपनों की उड़ान’ में माही विज बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं और मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. किरण पांडेय मुख्य वक्ता रहीं। वहीं विभिन्न स्कूलों की छात्राएं अपनी माताओं के साथ पहुंची। माही विज ने माताओं से कहा कि वे अपनी बेटियों से इस विषय (मासिक धर्म) पर खुलकर बात करें। झिझके नहीं। उनके प्रश्नों का उत्तर दें। डॉ. किरन पांडे ने कहा कि आज भी समाज में मासिक धर्म के प्रति सोच बदलने की जरूरत है।
मासिक धर्म न शुरू हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें
अमर उजाला 'सपनों की उड़ान'
- फोटो : अमर उजाला
मासिक धर्म नौ साल से शुरू होकर 16 साल तक की उम्र में शुरू हो जाते हैं। 50 से 55 वर्ष की उम्र तक चलते हैं। अगर सही उम्र में मासिक धर्म न शुरू हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। मासिक धर्म तीन से सात दिन के होते हैं। इस दौरान शारीरिक बदलाव भी होते हैं, जो बाद में सामान्य हो जाते हैं। बच्चियों को आम दिनों की तरह ये दिन भी जीने दें। पुराने समय के लोग कहते थे कि इस दौरान आचार, चटनी को हाथ न लगाएं। शायद इसलिए था कि महिलाओं को आराम मिल सके। इसके पीछे साइंटिफिक कारण नहीं होता है। डॉ. पांडेय ने कहा कि पीरियड में तकलीफ भी होती है, इससे बचने के लिए अच्छा और पौष्टिक आहार लें।
प्रॉक्टर एंड गैंबल की प्रियंका गुप्ता ने माताओं से कहा कि बच्चियों को कपड़े के बजाए सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करने दें। उन्होंने सेनेटरी नैपकिन और कपड़े के इस्तेमाल के फर्क के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों की तरह बच्चियां खेलें कूदे, स्कूल, कोचिंग जाएं। इस मौके पर माही विज ने लकी ड्रा जीतने वाली छात्राओं और उनकी माताओं को पुरस्कृत भी किया। यहां महिला थाने की इंस्पेक्टर मंजू कनौजिया, विजय कराटे क्लास की रश्मि और खुशबू गौतम ने भी विचार रखे। खुशबू, रश्मि, कंचन, सपना और प्रिया ने कराटे के गुर भी सिखाएं।
सदस्य हुए सम्मानित
अभिनेत्री माही विज ने प्रॉक्टर एंड गैंबल की टीम के अखिलेश साहू, प्रियंका गुप्ता, अजय, अभिषेक गुप्ता, राम किशोर, आकाश बाबू, आतिश गुप्ता, ओपी यादव, राज शुक्ला, नवीन गुप्ता को सम्मानित किया।
मुझे अपनी स्कूल की सहेली से पहली बार पीरियड की जानकारी मिली। उसे भी ज्यादा कुछ पता नहीं था। फिर मैंने अपने बड़ो से इस संबंध में बात की। उसके बाद से अपने पर्स में हमेशा सैनेटरी पैड लेकर चलती हूं। पीरियड को बीमारी नहीं बल्कि सामान्य दिनों की तरह ही लेती हूं। - माही विज, टीवी अभिनेत्री
एक डॉक्टर होने के नाते कई बार मेरे पास ऐसे पेशेंट आते हैं जो मासिक धर्म को बीमारी समझते हैं। मैं कहना चाहती हूं यह बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। इसे लेकर शर्म या किसी तरह का भ्रम गलत है। पैड यूज करें और बीमारियों से भी बचें। - डॉ. किरन पांडे
हमारी तो जॉब ऐसी है कि कई बार पूरा-पूरा दिन बाहर रहना पड़ता है। पीरियड को भी सामान्य दिनों की तरह ही जिया जाता है। अगर हम भी स्कूल न जाते या बीमारी समझकर बैठ जाते तो आज जिस पोजीशन पर हैं न होते। - मंजू कनौजिया, महिला थाना प्रभारी