7800 करोड़ रुपये के बैंक घोटालों के आरोपी राहुल कोठारी के सारे पैंतरे फेल हो गए और लगभग दो माह से खुली हवा में सांस ले रहे राहुल को दोबारा जेल की चहारदीवारी के पीछे जाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से कोई राहत न मिलने के बाद राहुल ने आखिर गुरुवार को कंपनी मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत में समर्पण कर दिया।
जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। राहुल के पिता विक्रम कोठारी का 4 जनवरी को निधन हो गया था। राहुल ने पिता के दाह संस्कार के लिए विशेष अदालत से पैरोल मांगी लेकिन कंपनी कोर्ट ने क्षेत्राधिकार न होने का हवाला देकर अर्जी खारिज कर दी थी।
6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से उसे दो सप्ताह के लिए सशर्त अंतरिम जमानत मिल गई। जिसके बाद राहुल जेल से बाहर आ गया था। आदेश की मियाद खत्म होने से पहले राहुल फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और मां के कोरोना संक्रमित होने का हवाला देने पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल को दोबारा तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी।
इसके बाद राहुल ने फिर एक विशेष याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से राहत मांगी। इस बार सुप्रीम कोर्ट ने उसे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर अपनी बात कहने की सलाह दी और मानवता के आधार पर मां की बीमारी के तर्क पर अंतरिम जमानत की अवधि दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दी।
इस बीच राहुल ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका तो दाखिल की लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसका बहाना लेकर राहुल दोबारा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाईकोर्ट में छुट्टियों की बात कहते हुए राहत मांगी जिस पर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने उसे 2 मार्च तक के लिए राहत दे दी थी। गुरुवार सुबह तक हाईकोर्ट में जद्दोजहद जारी रही लेकिन कोई राहत न मिलने की सूचना पर आखिर राहुल को दोपहर में विशेष न्यायालय में समर्पण करना पड़ा।