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अधिवक्ताओं ने इलेक्ट्रानिक डिवाइस में मिली केस डायरी की मांगी प्रामाणिकता

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कानपुर देहात। बिकरू कांड में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने केस डायरी की पेन ड्राइव की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रानिक डिवाइस में दिए जा रहे अभिलेखों से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है ये प्रमाण पत्र भी साथ में दिया जाए। ताकि वह निश्चिंत होकर बहस कर सकें।
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दो जुलाई को बिकरु गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट के न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत में हो रही है। शुक्रवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश शुक्ला व पवनेश कुमार शुक्ला ने कोर्ट की तरफ से पेन ड्राइव में उपलब्ध कराई जा रही केस डायरी की प्रामाणिकता मांगी।
साथ ही कोर्ट से अनुरोध किया इलेक्ट्रानिक डिवाइस में उपलब्ध कराई जा रही केस डायरी की प्रमाणिकता के लिए कोर्ट की तरफ से कोई पत्र दिया जाए, ताकि इनके अभिलेखों में पूर्ण विश्वास किया जा सके। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि केस डायरी की छाया प्रति मांगी गई है। कोर्ट ने बचाव पक्ष के तर्क सुनने के बाद सुनवाई की तिथि दस सितंबर तय की है।
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सुनवाई के दौरान आरोपियों की पेशी नहीं हुई। वहीं फर्जी सिम मामले में विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे की तरफ से हाजिरी माफी पत्र कोर्ट को दिया गया। वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि अब दस सितंबर को सुनवाई होगी।
फर्जी शपथ पत्र व सिम खरीदने के मामले में गुड्डन की हुई पेशी
कानपुर देहात। शस्त्र खरीदने में फर्जी शपथ पत्र देने व फर्जी आईडी से सिम लेने के मामले में आरोपी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन की पेशी शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय कोर्ट में हुई। वहीं अपर मुख्य न्यायिक अधिकारी प्रथम की कोर्ट में गुड्डन के चालक सुशील तिवारी की पेशी हुई। दोनों मामलों में अगली तिथि एक सितंबर तय की गई है। (संवाद)
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया मिली अधूरी पेन ड्राइव
कानपुर देहात। बिकरु कांड के आरोपी रामू बाजपेयी उर्फ रावेंद्र पर दर्ज शस्त्र अधिनियम के मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने पेन ड्राइव नंबर चार अधूरी होने के बाबत कोर्ट को प्रार्थना पत्र दिया। साथ ही छाया प्रति मांगी। अधिवक्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि उक्त पेन ड्राइव की छाया प्रति मिलने के बाद ही मामले में बहस की जा सकती है।
अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने घटना के एक साल 16 दिन बाद एंटी डकैती कोर्ट के न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत में शस्त्र अधिनियम के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को अधिवक्ता ने कोर्ट को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पेन ड्राइव नंबर चार अधूरी है। इस पर कोर्ट ने छानबीन कराई। साथ ही कोर्ट मोहर्रिर से नाराजगी जताई। अधिवक्ता ने पेन ड्राइव नंबर चार की छाया प्रति मांगी है। (संवाद)
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