थोड़ी देर बाद कार में आग लगने से तेज रोशनी हुई। यह देख खाना खा रहे रेस्टोरेंट के कर्मचारी बाहर की ओर भागे। आनन फानन सबमर्सिबल, अग्निरोधी यंत्र आदि की मदद से कार में लगी आग पर काबू पाया गया। बाद में पुलिस को सूचना देने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि स्कूटी से उतरकर एक युवक ग्रिल से बने गेट को खोलकर रात 12:18 बजे घुसा।
सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखा स्कूटी का साफ नंबर
प्लॉस्टिक की बोतल से कार पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी। वह कुछ दूर खड़ी स्कूटी के पास पहुंचा और साथी के साथ बाईपास की ओर चला गया। उन्होंने आसपास के एक दर्जन सीसीटीवी फुटेज देखे गए, लेकिन स्कूटी का नंबर साफ नहीं आया। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी है। वहीं, मामले में श्यामनगर चौकी प्रभारी विपिन सिंह बघेल का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। कोई तहरीर नहीं मिली है।
आग बढ़ जाती तो आसपास की बिल्डिंग भी आती चपेट में
कार पर पेट्रोल डालकर आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। अगर आग प्लॉस्टिक के शेड से होते हुए रेस्टोरेंट और बिल्डिंग को चपेट में ले लेती, तो बड़ी घटना हो सकती थी। उस समय बिल्डिंग में रेस्टोरेंट के कर्मचारी समेत दस लोग थे और बाहर आने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इस बिल्डिंग के अगल-बगल बैंक और कामर्शियल बिल्डिंग भी हैं, जिसमें कई ऑफिस और व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। गनीमत रही कि रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।