फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: मियाद पूरी पर जान से खिलवाड़ कर रहे 2968 व्यावसायिक वाहन, लंबे समय से नहीं हुई जांच, RTO ने भेजा नोटिस

Tue, 16 Jul 2024 10:14 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आरटीओ के आरआई अजीत सिंह ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों के इंजन, पहिये, व्हील बेस से लेकर पूरी बॉडी की जांच की जाती है। सड़क पर चलते चलते वाहनों में कुछ न कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। कई बार मैकेनिक उसको ठीक कर देते हैं, लेकिन कुछ न कुछ तकनीकी दिक्कतें हो सकती हैं। उसकी खामी फिटनेस जांच में ही पकड़ी जा सकती है।
विज्ञापन
फजलगंज से ओवरलोड सामान लाद कर जाती प्राइवेट स्लीपर बस - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर शहर में 4826 व्यावसायिक वाहन ऐसे हैं जो अनफिट होने के बावजूद सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इनमें से 2968 वाहनों की तो मियाद भी पूरी हो चुकी है। आम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे ये वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इन वाहनों की लंबे समय से जांच नहीं हुई है। कई वाहन तो स्क्रैप की श्रेणी में भी आ चुके हैं।

विज्ञापन

आरटीओ में कुल 64721 व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें ट्रक, लोडर, टेंपो, ऑटो आदि वाहन हैं। पिछले दिनों उन्नाव में स्लीपर बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर परिवहन मंत्री ने खस्ताहाल बसों और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उन्होंने स्वयं कई शहरों में बिना परमिट और फिटनेस के चल रही बसों का चालान कराया था।
सख्ती बढ़ने पर आरटीओ में पंजीकृत अनफिट व्यावसायिक वाहनों की लिस्ट निकाली गई तो इसमें 4826 वाहन अनफिट मिले। इनमें से 2968 वाहनों की मियाद पूरी हो चुकी है। इन वाहनों में ई-रिक्शा शामिल नहीं हैं। इनकी लंबे समय तक जांच नहीं हुई है। ऐसे में संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय (आरटीओ) की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

विज्ञापन

फिटनेस जांच में ही पकड़ी जा सकती है खामी
आरटीओ के आरआई अजीत सिंह ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों के इंजन, पहिये, व्हील बेस से लेकर पूरी बॉडी की जांच की जाती है। सड़क पर चलते चलते वाहनों में कुछ न कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। कई बार मैकेनिक उसको ठीक कर देते हैं, लेकिन कुछ न कुछ तकनीकी दिक्कतें हो सकती हैं। उसकी खामी फिटनेस जांच में ही पकड़ी जा सकती है।

सभी व्यावसायिक वाहनों में ये लगा होना आवश्यक
स्लीपर और सवारी बसों में व्हील बेस के मुताबिक सीटों की जांच होती है। बैलेंसिंग, इमरजेंसी विंडो, इंजन में आवाज आदि को जांचा जाता है। सीएनजी वाले ऑटो-टेंपो की हर छह-छह महीने में पाइप की जांच होनी जरूरी है, जबकि तीन साल में सिलिंडर की सर्विसिंग होनी चाहिए। सभी व्यावसायिक वाहनों में ब्रेक, पहिये की स्थिति, ब्रेक की क्षमता, लाइट, रेट्रो रिफ्लेक्टो टेप लगा होना आवश्यक है।

पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों की संख्या
वाहन                            संख्या
ट्रक व लोडर                 39354
टेंपो-ऑटो                     11422
बस                              5313
मोटर कैब                     4553
ट्रैक्टर                          1350
मैक्सी कैब                    1176
एंबुलेंस                         541
(नोट : आंकड़े एक जुलाई 2024 के हैं )

स्कूली वैन में नहीं लगी होनी चाहिए एलपीजी-सीएनजी किट
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक स्कूली वैन में एलपीजी और सीएनजी किट नहीं लगती है। उनके लिए पेट्रोल या डीजल युक्त वाहन के संचालन का प्रावधान है। यही मानक एंबुलेंस के लिए भी रहता है। फिटनेस जांच में यही देखा जाता है।
विज्ञापन

आरटीओ में पंजीकृत 4826 अनफिट व्यावसायिक वाहनों को नोटिस जारी किया गया है। परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से सभी की रिपोर्ट आ गई है। इनमें टेंपो, ऑटो, वैन, स्कूली बस, सवारी बस, ट्रक समेत अन्य व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। इनमें 2968 अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। सभी वाहन मालिकों को कार्यालय बुलाया गया है, ताकि पता चल सके कि कौन से वाहन स्क्रैप श्रेणी में आ चुके हैं।  -आलोक कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन कानपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें