कानपुर। ब्रांड प्रमोशन, कॉमर्शियल मार्केटिंग और टैलेंट हंट करने वाली कंपनी से 21 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। कंपनी के सीईओ दिनेश श्रीवास्तव ने चेन्नई की आईटी कंपनी शकुन्य सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड और एआई व एपीआई में सहयोग करने वाली कंपनी अगोरा आईएनसी के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। साइबर क्राइम ब्रांच ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यशोदानगर के स्वर्ण जयंती विहार निवासी दिनेश श्रीवास्तव की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक उनकी कंपनी डीएसजीआरपी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड युवाओं की प्रतिभा निखारने और उद्यमिता विकास का कार्य करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमाराम शकुन्य और संदीप शकुन्य ने उनके नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। उस आईडी से अगोरा आईएनसी में उनके एप्लीकेशन की सर्विसेज के लिए अकाउंट बनाया। इसके बाद अगोरा की सर्विस उनके एप्लीकेशन से जोड़ दी। आरोप है कि हेमाराम और संदीप ने बिना अनुमति और जानकारी के उनके नाम से चल रहे सर्वर में फर्जी आईडी के द्वारा अगोरा आईएनसी के अधिकारी अक्षय कोडे से सांठगांठ कर मालिकाना हक जताया। जून 2025 तक अगोरा आईएनसी की ओर से दिए गए बिल में प्रथम पक्ष डीएसजीआरपी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड लिखा रहता था लेकिन बाद में जो बिल मिला उसमें प्रथम पक्ष डीएस लाइव केयर ऑफ शकुन्य सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड लिखा हुआ था। बिल में पता टाटमिल चौराहे का कार्यालय अंकित था।
दिनेश श्रीवास्तव के मुताबिक, यह फर्जी बिल है। इस तरह से बिल नहीं बनाया जा सकता है। उनके मुताबिक सितंबर 2025 तक शकुन्य साॅल्युशन को 21 लाख रुपये दे दिए थे लेकिन शकुन्य सॉल्युशन ने 11 फरवरी 2026 तक उसका भुगतान अगोरा आईएनसी को नहीं किया। आरोप है जो डाटा उपयोग है वह शकुन्य सॉल्युशन की ओर से निर्मित किए गए एक अन्य एप्लीकेशन वॉक्सी मीट से मिलते जुलते हैं। इसका मुद्दा उठाने पर आरोपियों ने वॉक्सी मीट के सर्वर को बंद कर दिया जिससे और अधिक डाटा उपयोग होने के सबूत न मिल सके। आरोपियों ने इसी तरह से बोलो इंडिया के मालिक अरुण सक्सेना के साथ भी घटना को अंजाम दिया है। साइबर क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी सतीश चंद्र यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है। शकुन्य सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड आईटी कंपनी है जबकि अगोरा आईएनसी एआई व एपीआई में सहयोग करने का प्लेटफार्म तैयार करती है।