हालांकि, साढ़े चार साल पहले हुए निकाय चुनाव में परिसीमन में फेरबदल हुआ था। रिकाॅर्ड के अनुसार निकाय चुनाव में 10-10 साल में वार्डों का परिसीमन बदलता रहा है। इसलिए इस बार परिसीमन बदलने के बजाय शहर में बढ़े हुए मतदाताओं को उन्हीं वार्डों में समायोजित करने का विचार है। साथ ही, संभावित सीमा विस्तार में शामिल होने वाले गांवों को आसपास के वार्डों से जोड़ते हुए वार्डों की संख्या बढ़ाए जाने की संभावना है।
कमेटी का गठन किया गया
शासन के सीमा विस्तार संबंधी आदेश के मद्देनजर नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने इसके लिए कमेटी गठित की है। इस कमेटी में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार, नगर निगम के सचिव राधेश्याम पटेल, नक्शा अधीक्षक मुकेश अग्निहोत्री, जोन-2, 5 और 6 के जोनल प्रभारी शामिल हैं। नक्शा अधीक्षक ने बताया कि कमेटी ने नगर निगम सीमा के आसपास के गांवों में उपलब्ध सुविधाओं, आबादी, जीवनस्तर आदि के मद्देनजर 18 गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें प्रस्तावित न्यू कानपुर सिटी क्षेत्र, चकेरी क्षेत्रस सचेंडी क्षेत्र के गांव भी शामिल हैं।
वार्डों की संख्या बढ़ाने पर कैबिनेट की मुहर
बड़े शहरों में वार्डों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर पांच दिन पहले कैबिनेट ने मुहर लगाई है। स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार वार्डों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 125 की जा सकती है।
शहर में शामिल होंगे ये गांव
मेहरबान सिंह का पुरवा, पनका बहादुर नगर, गंगपुुर चकबदा, संभलपुर, सिंहपुर कछार, गंभीरपुर कछार, ख्यौरा कटरी, नारामऊ कछार, मर्दनपुर, नगवां, धुरवाखेड़ा, कोरिया, जरकला, मकसूदाबाद, नसेनिया, बहेड़ा, भौतीखेड़ा, भौंती प्रतापपुर।
नगर निगम सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार हो गया है। इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। -शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त