तिर्वा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चार संविदाकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उनपर मरीज को रेफर कराकर निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस से मरीज को ले जाने का आरोप है।
तीन दिन पहले छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के अतरौली गांव निवासी सुभाष कुमार एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। परिजनों ने छिबरामऊ स्थित 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था। मरीज को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच कर इलाज शुरू कर दिया था। इसी दौरान इमरजेंसी वार्ड में तैनात वार्ड बॉय आशुतोष ने मरीज को उकसाया और प्राइवेट अस्पताल में बेहतर इलाज कराने की बात कहने लगा।
बात पर सहमति जताते हुए मरीज एक प्राइवेट एंबुलेंस से जाने लगा। इसी दौरान मरीज को देखने के लिए विधायक कैलाश राजपूत मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। मरीज को रेफर होता देख विधायक ने प्राचार्य डॉ. सीपी पाल से बात की ओर घटना की जानकारी दी। प्राचार्य ने इमरजेंसी में तैनात डॉ. रोहित से मामले की जानकारी ली। डॉ. रोहित ने बताया कि मरीज को भर्ती कर लिया गया है। अगले दिन ऑपरेशन करने की बात कही थी। किसी ने भी मरीज को रेफर करने की बात नहीं कही है। विधायक ने मरीजों को उकसाकर रेफर कराकर प्राइवेट एंबुलेंस से ले जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की बात कही। बुधवार को प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने मामले की जांच करते हुए कोतवाली क्षेत्र के नुनारी गांव निवासी आशुतोष, जबर सिंह, अमित कुमार व विजय वीर को प्रकरण में शामिल होने पर बर्खास्त कर दिया है।