तिर्वा। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने शव को कस्बे के अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा किया। करीब दो घंटे तक हंगामे के बाद अस्पताल संचालक और परिजनों के बीच समझौता हो गया।
मामला थाना इंदरगढ़ के मदारीपुर गांव का है। यहां की वंदना (22) पत्नी धर्मेंद्र को परिजनों ने नौ सितंबर को प्रसव के लिए कस्बे के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां पर बेटी पैदा हुई। प्रसव के बाद महिला की हालत खराब हो गई। इससे डॉक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती वंदना की सोमवार सुबह मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। इन्होंने शव लाकर अस्पताल के बाहर रख दिया।
लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। पति धर्मेंद्र ने बताया कि प्रसव के बाद रक्तस्राव होने लगा था। कानपुर में इलाज के दौरान बताया गया कि प्रसव के दौरान आंत फट गई थी। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। कोतवाल शैलेंद्र कुमार ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। तहरीर नहीं दी गई है।