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जिला अस्पताल में बेड फुल, इमरजेंसी में उपचार

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कन्नौज। अस्पताल बेहाल हैं। ऐसे में यहां पहुंचने वाले मरीजों कौन सुने। जिला अस्पताल में बेड फुल हो चुके हैं। डॉक्टर अब मरीज भर्ती करने से कतरा रहे हैं। इमरजेंसी में मरीजों को भर्ती करने के बाद उपचार दिया जा रहा है। इमरजेंसी में बेड नहीं बचे हैं। इससे कि मरीजों को भर्ती किया जा सके। ऐसे में मरीज को लाभ मिलने पर दवा लिखकर घर भेजा जा रहा है। यही हाल शहर के विनोद दीक्षित अस्पताल का है। यहां भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। डॉक्टर से उपचार लेने के लिए मरीजों की लंबी कतार लग रही है। पेश है जिला मुख्यालय के दो अस्पतालों का आंखों देखा हाल।
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समय: सुबह 11:20 बजे
स्थान: जिला अस्पताल
सोमवार को ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए मरीज और तीमारदार कतार में खड़े थे। 400 से अधिक लोग ओपीडी में पर्चा बनवा चुके थे। ओपीडी में बैठे डॉक्टरों के पास खासी भीड़ थी। इनकी जांच कर दवा लिखा जा रही थी। बुखार से पीड़ित मरीजों को जांच के लिए लिखा जा रहा था। यह पैथोलॉजी की ओर जा रहे थे। पैथोलॉजी का हाल भी खराब था। यहां निकलने की भी जगह नहीं थी। पहले जांच कराने के लिए मरीज और तीमारदार धक्कामुक्की कर रहे थे। यहां 300 से अधिक मरीजों की जांच हो चुकी थी। मरीजों के सैंपल लिए जा रहे थे। जांच के बाद मरीज रिपोर्ट लेने के लिए कंप्यूटर सेक्शन में पहुंच गए। इससे यहां भीड़ हो गई। एक मरीज को उपचार देकर वार्ड में भेजा जाता, तब तक दूसरा भर्ती होने के लिए दाखिल हो जाता। इमरजेंसी के सभी स्ट्रेचर फुल दिखे। कुछ मरीज बाहर के स्ट्रेचर पर लेटे इमरजेंसी में दाखिल हुए। इन्हें उपचार दिया गया। इमरजेंसी में डॉक्टर वीके शुक्ला ने ओपीडी के तहत मरीजों की जांच कर उपचार दिया। बुखार के मरीजों से वार्ड फुल दिखे। इससे नए मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। डेंगू के मरीज ही भर्ती किए गए।
समय: दोपहर 12:00 बजे
विनोद दीक्षित अस्पताल
यहां गेट पर पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की कतार लगी थी। कर्मचारी पर्चा बना कर दे रहे थे। यही हाल डॉक्टर के पास था। यहां भी मरीजों की भीड़ थी। यह मरीज की जांच कर उपचार दे रहे थे। दवा वितरण कक्ष के बाहर मरीज दवा लेने के लिए खड़े थे। कुछ दवाएं अस्पताल में नहीं थीं। इन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा जा रहा था। बताया गया कि यह दवा एक या दो दिन में आ जाएगी। बुखार से पीड़ित मरीजों को जांच के लिए लिखा गया था। यह पैथोलॉजी में जांच कराने पहुंचे। शाम तक रिपोर्ट आने के लिए बताया गया। वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह कार्यालय में डेंगू प्रभावित गांव में भेजी गई टीम से बात कर मरीजों व उपचार के संबंध में जानकारी ले रहे थे। दूसरी मंजिल पर कोरोना वैक्सीन लगाने का कार्य किया जा रहा था। वहीं अस्पताल परिसर में डेंगू की जांच भी की जा रही थी। इस जांच की रिपोर्ट लाने के बाद कोरोना वैक्सीन लगाई गई।
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