कन्नौज। जिले के अफसरों को अब सड़क या खेत में कहीं भी अन्ना मवेशी घूमते, ऊधम मचाते, नुकसान करते नहीं दिख रहे। आम जनता जरूर इन अन्ना मवेशियों से परेशान है। डीएम के आदेश पर अफसरों की निगरानी में बनी टीमें एक दिन अभियान चलाकर सुस्त पड़ गईं। अब न धरपकड़ हो रही और न ही निगरानी। हालात यह है कि इन अन्ना मवेशियों की वजह से लोगों की जान जा रही और किसान भी तबाह हो रहे हैं।
बता दें कि अन्ना मवेशियों की तमाम शिकायतें आने के बाद जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने सभी एसडीएम, नगर पालिका, नगर पंचायत व बीडीओ की अगुवाई में टीमें बनाईं। बाकायदा निर्देश देकर 18 अप्रैल को अभियान का शुभारंभ किया गया। तीनों एसडीएम सदर, तिर्वा और छिबरामऊ के माध्यम से आंकड़े भी बताए गए कि पहले ही दिन 105 अन्ना मवेशियों को पकड़ लिया गया है। इन्हें गोशाला व अन्य सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है। प्रधानों को इनके चारे की व्यवस्था दी गई। पहले दिन के अभियान में लगा कि अब जनपद की सड़कों व खेतों से अन्ना मवेशी गायब हो जाएंगे। पर, अगले दिन टीम सुस्त पड़ गई। सुस्ती इतनी बढ़ी कि अब तक दूसरे दिन का अभियान चल ही नहीं सका। हालात यह है कि शहर हो या कस्बा हर जगह अन्ना मवेशी बेरोकटोक घूमते, लड़ते और लोगों को घायल करते आसानी से नजर आ जाते हैं। जिले के लोग इससे बेहद परेशान हैं।
केस-1
अन्ना मवेशी के हमले से किसान की मौत
शनिवार की शाम को नजरापुर क्षेत्र के ककलापुर गांव के रहने वाले रघुवीर(55) अपने खेत में मक्का की फसल देख रहे थे। तभी अन्ना मवेशी ने रघुवीर पर हमला कर दिया। परिजनों ने घायल रघुवीर को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
केस-02
अन्ना मवेशी की टक्कर से होमगार्ड की मौत
पिछले दिनों 26 अगस्त को सौरिख क्षेत्र के नगला वीरभान गांव के रहने वाले होमगार्ड आमोद कुमार (40) ड्यूटी करने सौरिख थाने में बाइक से जा रहे थे। बहादुरपुर गांव के पास अन्ना पशु ने बाइक में टक्कर मार दिया। वह गंभीर घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीएचसी पहुंचाया, वहां डॉक्टरों ने घायल होमगार्ड को मृत घोषित कर दिया।
केस-03
अन्ना मवेशियों ने की 70 बीघा फसल नष्ट
हसेरन क्षेत्र के हुसैननगर ग्राम पंचायत में 28 अगस्त को अन्ना मवेशियों ने किसानों की 70 बीघा फसल बर्बाद कर दी। जिनमें राजवीर की 18 बीघा, अंशु की चार बीघा, श्याम की 10, इंद्रभान की 12, रामरतन की आठ, विजय सिंह की नौ, सुरेंद्र सिंह की सात बीघा फसल चरकर नष्ट कर डाली। गुस्साए ग्रामीणों ने इसके लिए प्रदर्शन भी किया लेकिन टीमों पर सुस्ती हावी है।
जिलाधिकारी बोले
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र का कहना है कि अन्ना मवेशियों की दिक्कत को देखते हुए टीमें बनवाई थीं। तीनों एसडीएम को निगरानी के लिए कहा था। एसडीएम से इस बारे में बात कर देखा जाएगा कि टीम अभियान क्यों नहीं चला रही है। अन्ना मवेशियों से किसानों और आम जनता को राहत दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।