तिर्वा। बदलते मौसम में लोगों में माइग्रेन की बीमारी बढ़ जाती है। इस बीमारी में अधिक या विशेष प्रकार की खुशबू लेने से अटैक बढ़ जाता है। लापरवाही पर यह हैट्रिक में बदल जाता है। ऐसा होना खतरनाक है।
यह बातें बुधवार को राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य और न्यूरो फिजीशियन प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने कहीं। उन्हें माइग्रेन से पीड़ित मरीज दिखाने पहुंचे थे। प्राचार्य ने बताया कि मानसून में बदलाव के दौरान लोगों में माइग्रेन की बीमारी बढ़ जाती है। यह रोग महिलाओं में 30 और पुरुषों में तीन प्रतिशत होता है। इस रोग की शुरुआत 15 वर्ष से होती है। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ-साथ माइग्रेन अटैक भी बढ़ जाता है। शुरुआत के समय महीने में दो-चार बार होता है। धीरे-धीरे दर्द बढ़ जाता है। फिर रोज होने लगता। ज्यादा खुशबू, पेट्रोल, डीजल की गंध से दर्द बढ़ने लगता।
मानसून सीजन में अटैक तेज हो जाता है। 18 साल की उम्र से पहले लड़कों में से अधिकतर को माइग्रेन होता है। लड़कियों में मासिक धर्म के समय यह रोग तीन गुना बढ़ने का डर रहता। तेज धूप, बदलते मौसम के दौरान अटैक बढ़ जाता है। यह रोग होते ही चिकित्सक से परामर्श के साथ उपचार कराएं।
माइग्रेन के ये हैं लक्षण
इस रोग में आधे सिर में तेज दर्द होता है।
दर्द से पीड़ित काम नहीं कर पाते हैं।
दर्द निवारक खाने के बाद आराम मिलता है।