छिबरामऊ। कोरोना का कहर अभी पूरी तरह से थमा नहीं है। अब लोग जीका वायरस की आहट से घबराने लगे हैं। वहीं, चिकित्सक लोगों को जीका वायरस से घबराने नहीं बल्कि सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सौ शय्या अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ध्यानेंद्र सचान का कहना है कि इस वायरस के लक्षण कई बार अस्पष्ट होते हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, लाल आंखें और चकत्ते जैसे लक्षण शामिल हैं।
गर्भवती महिलाओं को इस वायरस से बचने की सबसे ज्यादा जरूरत है। गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा देखभाल की जरूरत है। यदि महिला किसी भी ऐसे स्थान पर गई हो, जहां जीका के रोगी मिले हों तो ऐसी महिला को तत्काल अपना परीक्षण कराना चाहिए। यदि गर्भवती महिला जीका से संक्रमित हो जाए, उसमें उसके गर्भपात सहित तमाम खतरे बने रहते हैं। इस वायरस से बचने के लिए मच्छरों पर अंकुश लगाना होगा। घर व आस-पास के परिवेश की नियमित तौर पर सफाई से इस वायरस पर काबू पाया जा सकता है।