छिबरामऊ। नगर के सौ शय्या अस्पताल में डेंगू की जांच करने वाली एलाइजा मशीन ताले में बंद हैं। इसके चलते डेंगू की जांच कराने के लिए मरीजों को निजी पैथालॉजी की शरण लेनी पड़ती है। अस्पताल में पैथालॉजिस्ट और लैब टेक्नीशियन न होने के कारण डेंगू जांच की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
नगर के सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में डेंगू की जांच के लिए एलाइजा एनालाइजर व वाशर मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन पैथालॉजिस्ट और लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। इस कारण डेंगू की जांच नहीं हो पा रही है, जबकि अस्पताल में लगातार बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कई मरीजों में डेंगू के लक्षण भी दिखते हैं। अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को डेंगू की जांच कराने के लिए निजी पैथालॉजी की शरण लेनी पड़ रही है। इस जांच के नाम पर मरीजों से अच्छी खासी रकम भी वसूली जाती है।
नगर के सौ शय्या अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हुए लगभग छह साल पूरा होने जा रहा है, लेकिन अस्पताल में आज तक सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। कायाकल्प योजना के तहत प्रदेश में नंबर एक पर आने के बाद अस्पताल प्रशासन को रखरखाव के लिए तीस लाख रुपये की धनराशि इनाम के तौर पर दी गई थी। आस जगी थी कि शायद इस धनराशि से सीबीसी मशीन की खरीददारी कर ली जाए, लेकिन मरीजों के हाथ में मायूसी ही लगी। सीबीसी जांच कराने के लिए भी मरीजों को पैथालॉजी की शरण लेनी पड़ रही है।
सौ शय्या अस्पताल में बुखार से पीड़ित 37 मरीज भर्ती हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। डेंगू की संभावना के आधार पर ही इन मरीजों का उपचार किया जा रहा है। सरकारी पैथॉलाजी की रिपोर्ट न होने के कारण चिकित्सक डेंगू होने से इंकार कर रहे हैं। हालांकि प्राइवेट पैथालॉजी से होने वाली एलाइजा की जांच में कई मरीजों का एनएस वन पॉजिटिव निकला है।
सौ शय्या अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल में पैथॉलाजिस्ट व लैब टेक्नीशियन की तैनाती न होने के कारण जांचों की सुविधा सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही है। पैथॉलाजिस्ट और टेक्नीशियन की तैनाती के लिए कई बार डीजी स्वास्थ्य को पत्र लिखा गया है। पैथॉलाजिस्ट व लैब टेक्नीशियन की तैनाती होते ही जांचे शुरू हो जाएंगी।