तिर्वा (कन्नौज)। कोतवाली क्षेत्र के अहेर गांव में रविवार को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए टीम के साथ पहुंचे तहसीलदार को देखते ही ग्रामीणों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए कुछ लोग खेतों की ओर भाग गए। इससे गांव में सन्नाटा पसर गया। तहसीलदार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को वैक्सीन लगाने की कोशिश की तो विरोध शुरू कर दिया। इससे मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में मौलवी ने गांव की मस्जिद से एनाउंस कर ग्रामीणों को जागरूक किया, तब लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 120 लोगों को वैक्सीन लगाई।
अफवाहों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने का विरोध कर रहे हैं। रविवार को अहेर गांव में लोगों को जागरूक कर वैक्सीन लगवाने के लिए तहसीलदार अनिल कुमार सरोज स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे।
तहसीलदार को देखते ही एक वर्ग विशेष के लोगों ने घरों के दरवाजा बंद कर लिए। वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए कुछ लोग खेतों की ओर भाग गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों के घरों का दरवाजा खटखटा कर वैक्सीन लगाने की कोशिश की तो लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर तहसीलदार को पुलिस बुलानी पड़ी। कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर भी बात नहीं बनी। इसके बाद मौलवी ने मस्जिद से एनाउंस कर ग्रामीणों को बताया कि कोविड वैक्सीन लगवाने से कोरोना का खतरा समाप्त हो जाता है। इसके बाद गांव के लोग राजी हुए और वैक्सीन लगवाई।
उधर, तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि टीम को देखकर ग्रामीण वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए भागने लगे। मस्जिद से एनाउंस कराने के बाद ग्रामीण टीकाकरण के लिए जागरूक हुए और टीका लगवाया।