बोर्डिंग मैदान में आतिशबाज दुुकानदार का लाइसेंस चेक करते अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह।
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कन्नौज। दिवाली मनाएं लेकिन हाथ, आंख और चेहरे को सुरक्षित रखना न भूलें। थोड़ी सी असावधानी भारी पड़ सकती है। खासकर बच्चों के आतिशबाजी के दौरान निगाह बनाए रखें। यह कहना है जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का।
डॉ. बसु ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान जल जाने पर जले हुए हिस्से को बहते हुए पानी से साफ कर लें। नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में परामर्श लें। जले हुए भाग को ठंडे पानी या बर्फ से नहीं धोना है। इससे फफोले पड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि आतिशबाजी का प्रदूषण आंखों, नाक और गले के अलावा फेफड़ों को भी प्रभावित करता है। प्रदूषण से सांस और एलर्जी की समस्या होती है। बच्चों को पटाखों से दूर रखें। अपनी देखरेख में पटाखे छुड़ाने दें।
बताया कि कोरोना काल में लोगों ने हर सामान को सैनिटाइज करने की आदत डाल ली है। आतिशबाजी से पहले पटाखों और हाथों को सैनिटाइज न करें। आतिशबाजी से पहले साबुन से हाथ धोएं। सैनिटाइजर एक ज्वलनशील सामग्री है। इससे आग लगने और बढ़ने का खतरा रहता है।