छिबरामऊ। सौ शैया अस्पताल में स्टाफ नर्स की लापरवाही से बालिका की हालत बिगड़ गई। जानकारी पर ड्यूटी डॉक्टर ने स्टाफ नर्स को फटकार लगाते हुए गंभीर हालत में छात्रा को तिर्वा मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पिता ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमएस से शिकायत की। सीएमएस ने स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा है।
कोतवाली क्षेत्र के कुंवरपुर बनवारी निवासी संजू राजपूत मंगलवार की रात करीब 11 बजे बुखार आने पर अपनी आठ वर्षीय पुत्री ईशानी को इलाज के लिए नगला दिलू स्थित सौ शैया अस्पताल लेकर आए थे। यहां इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर ने बेटी को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया था। डॉक्टर ने इंजेक्शन व ड्रिप की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स को सौंप कर घायलों का इलाज करने चले गए। किसी तरह ईशानी के ड्रिप की विगो निकल गई और खून बहने लगा। संजू ने इसकी जानकारी स्टाफ नर्स को दी, लेकिन उसने थोड़ी देर में आने की बात कही। बार-बार कहने पर भी स्टाफ नर्स नहीं आई। रात करीब साढ़े 12 बजे डॉक्टर आए तो उन्होंने ड्रिप बंद कर स्टाफ नर्स की जमकर फटकार लगाई। अधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टर ने ईशानी को तिर्वा मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया। तिर्वा जाते समय रात करीब एक बजे ईशानी ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। संजू ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमएस डॉ. सुनील सिंह से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएस ने स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है।
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डॉक्टर को स्टाफ नर्स ने दी धमकी
मंगलवार की रात इमरजेंसी वार्ड में बालिका की विगो हटने व ब्लड बहने की सूचना पर पहुंचे डॉ. हसीब खान ने स्टाफ नर्स शिल्पी शाक्य को फटकार लगा दी। इससे नाराज शिल्पी ने डॉक्टर के साथ अभद्रता करते हुए देख लेने की धमकी तक दे डाली। इसी स्टाफ नर्स पर पहले भी अपने साथियों को बुलाकर वार्ड ब्वाय को धमकाने की बात सामने आ चुकी है।