ठठिया थाना क्षेत्र के गुरौली गांव निवासी रोली देवी ने बताया कि उसकी देवरानी राधा पत्नी ओमकार छह माह की गर्भवती थी। गुरूवार को वह कंडे उठाने के लिए गई थी। तभी परिवार के ही छोटेलाल, उसकी पत्नी ममता देवी, पुत्र रघुवीर व सुरेश पुराने विवाद को लेकर मारने पीटने लगे। इसी दौरान चचिया ससुर छोटलाल ने देवरानी के पेट में लात मार दी। इससे उसका मौके पर ही गर्भपात हो गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने बीच बचाव कर उसकी जान बचाई।
आरोप लगाया है कि जब वह मामले की शिकायत करने ठठिया थाना पहुंची तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने शिकायत दर्ज करने की बजाए भगा दिया। कहा कि आरोपी पक्ष पहले भी कई बार मारपीट कर चुके हैं। लेकिन पुलिस से साठगांठ होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं होती है।
ठठिया पुलिस से न्याय न मिलने पर शुक्रवार को पीड़िता की भाभी रोली देवी भ्रूण को झोला में डालकर एसपी दफ्तर पहुंची। झोले में भ्रूण होने की जानकारी से हड़कंप मच गया। इस मामले में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। आपसी झगड़े में महिला के गर्भपात की जानकारी सामने आई है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए कहा गया है।