झांसी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को अहिंसा का पाठ पढ़ाया। उनकाअमन-चैन का संदेश आज भी सबके दिलों में है। अब युवा पीढ़ी भी महात्मा गांधी के संदेश को अपनाने में पीछे नहीं है। वह भी गांधीगीरी का पाठ पढ़ रहे हैं और हिंसा से दूर अमन का संदेश दे रहे हैं। यूनिवर्सिटी और बीकेडी में ऐसे युवा सामने आ रहे हैं जो व्हाट्सएप और चैटिंग द्वारा अपने ग्रुप के संगी-साथियों और अपने आसपास के लोगों को अमन का संदेश दे रहे।
महात्मा गांधी की जयंती दो अक्तूबर को हर साल मनाई जाती है। युवाओं का कहना है कि कोई भी राजनेता कभी बापू का स्थान नहीं ले सकता है। इस दौर में बापू का अहिंसा का संदेश और भी प्रासंगिक हैं जब समाज में हिंसा तेजी से बढ़ रही है। रोज ही तमाम लोग हिंसा का शिकार हो रहे हैं। यूनिवर्सिटी और बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज के कई छात्र-छात्राओं ने कहा कि बापू ने आजादी की लड़ाई में अहिंसा का सहारा लिया था। उन्हीं के विचारों से प्रेरित होकर वह भी अमन का संदेश दे रहे। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप भी हैं जिसमें हर रोज नैतिकता और अमन का संदेश देते मेसेज शेयर किए जाते हैं। जल्द ही सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जाएगी।
आज के इस दौर में भी गांधी जी के विचार उतने ही अहम हैं जितने पहले थे। हम युवा इन्हीं विचारों से प्रेरित होकर दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। सोनम
युवाओं को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हिस्सा माना जाता है। ऐसे में युवाओं को आगे आना चाहिए ताकि समाज की बुराइयां खत्म हो सकें। आदित्य यादव
गांधी जी हमेशा चाहते थे कि सामाजिक परिवर्तनों, सामाजिक कुरीतियों, जाति व्यवस्था के उन्मूलन के लिए युवा आवाज उठाएं। अब युवा इन विचारों को आत्मसात कर रहे हैं। पंकज
गांधी जी का मानना था कि समाज में शांति की स्थापना तभी संभव है, जब व्यक्ति आत्मसंतोष को प्राप्त कर लेगा। शांति की प्राप्ति हर युवा का भावनात्मक लक्ष्य होना चाहिए। नीरज
महात्मा गांधी जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अंग्रेजों के समय में थे, इसलिए गांधी जी के विचार युवाओं के शोध एवं शिक्षण के प्रमुख क्षेत्र हैं। प्रीति यादव
गांधी जी हमेशा युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने की बात करते थे। आज भी हम उनके विचारों का अनुसरण करते हैं और अपने संगी-साथियों के अलावा दूसरों को भी प्रेरित कर रहे। जितेंद्र सिंह
दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर ग्रामोद्योग और खादी के सभी वस्त्रों में 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। इस दिन अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा गांधी वस्त्रों की बिक्री होती है। युवाओं के लिए खादी की शर्ट, कोटी और दूसरे सामान उपलब्ध हैं।
राम अवध चौबे, व्यवस्थापक, गांधी आश्रम, सैंय्यरगेट
खादी के वस्त्रों पर आज से मिलेगी 20 फीसदी छूट
झांसी। गांधी जयंती से खादी वस्त्रों पर 20 फीसदी तक की छूट उपलब्ध रहेगी। लोग 108 दिन तक इस छूट का लाभ ले सकते हैं। गांधी आश्रम में उपलब्ध वस्त्रों और ग्रामोद्योग की वस्तुओं को खरीद सकते हैं। गांधी आश्रम में सदरी, धोती, कुर्ता, पायजामा, युवाओं के लिए शर्ट, गांधी टोपी, दरी, चादर, रजाई, गद्दा, रेशमी खादी, ऊनी खादी, कंबल, आसन, स्वेटर की अच्छी रेंज उपलब्ध है। इसके अलावा ग्रामोद्योग का शहद, धूप, अगरबत्ती, शैंपू, चंदन की लकड़ी, चंदन माला, साबुन पर भी छूट मिलेगी।