झांसी। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह के तहत नौ महीने से पांच साल तक के 2.57 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य तय किया गया है।
बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिए विटामिन ए जरूरी है। नौ महीने से पांच साल तक के बच्चों को हर छह महीने के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक दी जाती है। इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। एक माह में नौ माह से पांच से साल तक के लगभग 2.57 लाख से अधिक बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रविशंकर ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों को विटामिन ए की खुराक नियमित टीकाकरण के दौरान बुधवार और शनिवार को पिलाई जा रही है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए भी विटामिन ए बच्चों को दिया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि विटामिन ए देने के लिए हर बच्चे के लिए अलग डिस्पोजेबल चम्मच का प्रयोग हो रहा है। पोषण माह का उद्देश्य बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने, रतौंधी से बचाव, छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण, आयोडीन नमक का उपयोग बढ़ाने और बच्चों में दिव्यांगता को रोकना है।