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त्योहार पर सावधानी से करें सफर, आधी ट्रेनों में ही सुरक्षा का इंतजाम

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झांसी। त्योहार के दिनों में चोर ट्रेनों में सक्रिय हो जाते हैं। दरअसल, आधी ट्रेनों में ही सुरक्षा के इंतजाम हैं। ऐसे मूें जरा ही सावधानी हटने पर आपका सामान चोरी हो सकता है।
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दीपावली का त्योहार मनाने विभिन्न शहरों से नौकरी, मजदूरी या अध्ययन कर रहे हजारों लोग अपने घर आ रहे हैं। इससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ना शुरू हो गई हैं। भीड़ में हाथ साफ करने के लिए बदमाश भी सक्रिय हो गए हैं। बदमाशों को मालूम है कि त्योहार पर लोग अपने साथ नकदी और कीमती सामान लेकर चलते हैं। खासकर मजदूर वर्ग के यात्री मेहनत की कमाई लेकर घर लौटते हैं। साथ ही सभी को घर पहुंचने की भी जल्दी रहती है। इसका भरपूर लाभ बदमाश उठाते हैं। खासकर बदमाशों के निशाने पर जनरल और स्लीपर कोच के यात्री रहते हैं। यात्री जहरखुरानी, जेबकट, चोरी या बैग छीनने जैसी घटना का शिकार हो सकते हैं। हालांकि, त्योहार के मद्देनजर रेलवे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क बनी हुईं हैं।
पुलिस अधीक्षक (रेलवे) मोहम्मद इमरान ने बताया कि रात की सभी ट्रेनों में जीआरपी और आरपीएफ के स्क्वायड चल रहे हैं। जिन ट्रेनों में स्क्वायड चल रहे हैं, उनमें अगर कोई घटना होती है तो इसके लिए स्क्वायड जवान जिम्मेदार होंगे। साथ ही अनुभाग के सभी थानाध्यक्षों को शाम से ही विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है। प्लेटफार्म ड्यूटी पर रहने वाले जवानों को आदेश दिया है कि वह ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही एक छोर से दूसरे छोर तक चहलकदमी कर संदिग्धों पर नजर रखेंगे।
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सफर के दौरान यह बरतनी चाहिए सावधानियां
- पर्स और रुपये पेंट के पीछे की जेब में न रखें।
- टिकट लेते समय व ट्रेन में चढ़ते समय विशेष सावधानी बरतें।
- चलती ट्रेन में दूसरे की बातों में आकर खानपान न खाएं।
- जिस बैग, पर्स या अन्य वस्तु में पैसे रखे हो, उसको इधर-उधर न रखें।
- ट्रेन में सोते समय रुपये व कीमती वस्तु को सुरक्षित रख लें।
- मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर न सोएं।
- महिलाएं सिर के पास पर्स या अन्य कीमती सामान रखकर न सोएं।
- ट्रेन जब स्टेशन से धीमी गति से आगे बढ़ रही हो तो खिड़की के पास लेटे यात्री सावधानी बरतें।
- ट्रेन व प्लेटफार्म पर किसी बाहरी व्यक्ति के भरोसे सामान छोड़कर न जाएं।
- ट्रेन में बर्थ के नीचे जंजीर से सामान को बांधकर रखें।
- ट्रेन में बेसुध होकर न सोएं। सामने बर्थ पर मौजूद यात्री को भी सतर्क रहने की सलाह दें।
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हर रूट पर दौड़ रहीं ट्रेनें
कोरोना काल में धीरे- धीरे सामान्य होते हालातों के बीच ट्रेन संचालन भी पूरी तरह पटरी पर लौटने लगा है। मंडल से गुजरने और संचालित होने वालीं 288 ट्रेनों (दैनिक व साप्ताहिक) में 272 गाड़ियों का चलना शुरू हो गया है। इसी तरह 52 पैसेंजर में 24 दोबारा पटरी पर दौड़ने लगीं हैं। इन गाड़ियों से मंडल में प्रतिदिन 40 हजार से अधिक मुसाफिरों ने सफर करना शुरू कर दिया है।
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