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बबीना के 52 मजरों को बिजली का इंतजार, काम नहीं आए विधायक के वायदे

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झांसी। बबीना विधानसभा के भीतर स्थित पारीछा थर्मल पावर प्लांट के जरिए जहां पूरे सूबे को बिजली आपूर्ति होती है वहीं, इसी विधानसभा के भीतर 52 मजरे ऐसे हैं जहां अभी तक अंधेरा कायम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव से पहले उनसे कई बार वायदे किए गए लेकिन, चुनाव खत्म होने के बाद कोई वायदा काम नहीं आया।
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करीब सवा तीन लाख मतदाताओं वाली बबीना विधानसभा क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ी विधानसभा मानी जाती है। वर्ष 1967 के पहले यह विधानसभा ललितपुर का हिस्सा हुआ करती थी। पहली दफा वर्ष1967 में इस विधानसभा सीट के लिए चुनाव हुए। इस सीट से सर्वाधिक चार बार भाजपा एवं कांग्रेस उम्मीदवार कामयाबी हासिल कर चुके जबकि बसपा को तीन एवं सपा को एक बार चुनावी जीत हासिल हुई। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में विधायक बने राजीव सिंह पारीछा ने सपा उम्मीदवार को हराकर भाजपा का झंडा लहराया। बबीना विधानसभा के भीतर हमेशा से बिजली, पानी और सड़क चुनावी मुद्दा रहे हैं। बड़ी विधानसभा होने के नाते तमाम इलाकों तक बिजली नहीं पहुंचाई जा सकी। स्थानीय लोगों का कहना है पिछले चुनाव में जिन इलाकों तक बिजली नहीं पहुंची थी वहां विद्युतीकरण का वायदा किया गया। अब करीब पांच साल गुजरने को हैं लेकिन, रामनगर, बड़ा पत्थर मोहल्ला, तेजनपुर, खांज, टौरिया, महावीर पुरा, सलाउद्दीन का मोहल्ला, कुम्हारों का मोहल्ला, खदान मोहल्ला, डिमरियाना, राजा ठाकुर का मोहल्ला, परिहार, मोहल्ला तिगैला, मोटा मोहल्ला, खजूरिया, रचनाबाई पाल मोहल्ला, रत्नाबाई पार मोहल्ला, मातापुर, पंडवा, पथपुरा, बरूआहर, महुनपुरा, लोहरबाई मोहल्ला, कबूतरों का डेरा, नीमतलाईया, श्याम लाल राजपूत का डेरा, नई बस्ती, पहाड़िया, हरिजन मोहल्ला, मवाईगंज, नया ताल समेत कुल 52 मजरे ऐसे हैं, जहां आज तक बिजली नहीं पहुंचाई जा सकी। बबीना ब्लॉक के बबीना रूरल के भी तमाम इलाकों में बिजली एवं सड़क की समस्या से लोग परेशान हैं। टपरियन आदि जगहों में ग्रामीणों का कहना है कि सभी चुनावों में उनसे वादा किया जाता है कि क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी परंतु सुविधाएं तो दूर विधानसभा प्रतिनिधि यहां सुध लेने भी नहीं आते।
40.10 करोड़ की लागत से कराया गांव एवं मजरों का विद्युतीकरण: राजीव
विधायक राजीव सिंह पारीछा का कहना है पूरे विधानसभा क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार विद्युतीकरण का कार्य कराया गया। शुरूआत में 1500 एवं 1000 आबादी वाले इलाकों में विद्युतीकरण कराया। सौभाग्य योजना की मदद से भी यह काम कराया गया। इस योजना की मदद से गांव में निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए गए। विधायक के मुताबिक बबीना विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए विद्युत विस्तार 11 केवी का 80 किमी में नवनिर्माण कराया गया। 250 किमी में एलटी केबिल लाइन एवं 400 नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना की गई। शासन स्तर से विशेष कोशिश करके ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति जारी कराई गई। विधायक का कहना है कि बबीना इलाके में वर्ष 2017 से पहले कई गांव तक बिजली नहीं पहुंची थी। उनकी कोशिश का नतीजा रहा कि अब अधिकांश गांव एवं मजरों तक बिजली पहुंच गई है। अप्रैल 2017 से जून 2021 के बीच 40.10 करोड़ की लागत से 169 ग्रामों एवं 308 मजरों का विद्युतीकरण कराया। बिजली की समस्याओं के साथ ही विद्युत बिल की समस्याएं थीं। किसानों के लिए निजी नलकूप का उर्जीकरण कराया। पहले पावर कारपोरेशन किसानों को 7.5 एचपी के विद्युत भार पर ही छूट दी जाती है अब उससे कम क्षमता पर भी छूट दिलाई जा रही है।
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गांव में बिजली नहीं मिलती। पक्की सड़क का हर चुनाव में सिर्फ वायदा होता है लेकिन, इस वायदे को निभाने का समय जाने कब आएगा, यह किसी को नहीं पता
पवन प्रजापति
बिजली की समस्या से हम सभी लोग परेशान हैं। पूरे इलाके की यह सबसे बड़ी समस्या है। हर चुनाव में इसे दूर करने का वायदा होता था लेकिन, अभी तक समस्या बनी है। चर्च रोड पर बरसातों में बड़े गड्ढे हो जाते हैं।
अभिनेष
पच्चीस वर्ष गुजर गए। कई चुनाव हुए। कई बार नेता- विधायकों ने वोट मांगने लेकिन, बिजली, पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। चुनाव खत्म होने के बाद यहां कोई नहीं आत॥
श्याम किशोर
बिजली कभी नहीं मिलती। इससे बड़ी परेशानी होती है। पानी का पानी भी नहीं मिलता। यहां टंकी बनवाने का वायदा किया लेकिन, पता नहीं कब तक यह बनकर तैयार होगी।
रामकली
मजरे के भीतर न सड़क है न बिजली। करीब पांच सौ की आबादी यहां रहती है लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रागी लाल
कई बार कोशिश करने के बाद भी बिजली की समस्या आज तक नहीं सुलझी। पिछले चुनाव में इस समस्या को सुलझाने का वायदा किया गया। आज तक यह समस्या बनी हुई है। गांव को जोड़ने का रास्ता भी नहीं है॥
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रामसेवक
बुढपुरा गांव मे मजरे की कच्ची सडक को दिखाते ग्रामीण
बबीना नगर को जोडन वाला ग्राम टपरीयन का उखडा पडा मार्ग
बुढपुरा मे बल्ली के सहारे नीचे लटके बिजली के तार
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