झांसी। आज ‘ग्लोबल फैमिली डे’ है। फैमिली मतलब...प्यार और विश्वास का एक ऐसा परिवार जहां घर के छोटे-बड़े सभी सदस्य एक डोर से बंधे होते हैं। जहां सुख और दुख सबका साझा होता है। एक पर दुख आए, तो बाकी सब चट्टान की तरह उसके साथ खड़े हो जाते हैं। घर की हर खुशी मिलकर सेलिब्रेट होती है, लेकिन आजकल जहां बेटे अपने बुजुर्ग मां-बाप को वृद्धाश्रम में छोड़ रहे हैं। भाई-भाई के खून का प्यासा हो रहा है, वहां अगर किसी परिवार में भाई, बेटे, बहू, बच्चे और घर के बुजुर्ग एक छत के नीचे प्यार-दुलार से रहते दिख जाएं तो यह समाज के लिए किसी मिसाल से कम नहीं होगा। शहर में कोतवाली के पास रहने वाले ब्राह्मण महासभा के संरक्षक दिलीप कुमार पांडे और हंसारी में रहने वाले फौरन सिंह यादव का परिवार ऐसी ही एक मिसाल है। इनके परिवारों में बड़े बुजुर्गों को उतना ही सम्मान दिया जाता है जितना कि बच्चों को प्यार और दुलार। घर की बहुएं प्यार से एक ही रसोई में 15 से 17 लोगों का खाना पकाती हैं और सबको खिलाती हैं। दिलीप कुमार और फौरन सिंह का कहना है कि हर नववर्ष में वह सब ईश्वर से यही कामना करते हैं कि उनका प्यार हमेशा इसी तरह बना रहे...।
17 सदस्यों के परिवार में एक ही चूल्हे पर बनता है खाना
शहर में कोतवाली के पास रहने वाले दिलीप कुमार पांडे के परिवार में 17 लोग एक साथ एक छत के नीचे रहते हैं। परिवार में दिलीप पांडे के सबसे बड़े भाई राजीव पांडे, उनकी पत्नी नीलम पांडे, इनका बेटा सचिन, बहू ज्योति और पोता सूर्यांश है। दूसरे नंबर के भाई संजीव पांडे और उनकी पत्नी सीमा पांडे हैं। इनका बेटा नितिन पांडे है। तीसरे नंबर के भाई की पिछले वर्ष कोरोना से मौत हो चुकी है, अब इनकी पत्नी अंजलि पांडे और उनका बेटा विपिन है। चौथे नंबर पर दिलीप पांडे हैं। इनके साथ इनकी पत्नी शालिनी पांडेय, बेटी उन्नति और बेटा आयुष्मान है। इन सबके अलावा परिवार में दिलीप पांडेय की छोटी बहन मीनाक्षी दुबे, उनकी बेटी साक्षी और बेटा सक्षम भी साथ रहते हैं। खाना-नाश्ता सभी कुछ घर की महिलाएं ही बनाती हैं।
15 सदस्यों के परिवार में 80 वर्ष के दादा संग नन्हे-मुन्नों का प्यार
हंसारी में रहने वाले फौरन सिंह यादव के परिवार में इनके 80 वर्ष के दादा धनीराम यादव घर में सबसे बड़े हैं। फौरन सिंह यादव के पिता जगदीश सिंह यादव और मां चंपा देवी हैं। इनके 15 सदस्यों के परिवार में सबसे बड़े भाई निहाल सिंह यादव हैं। निहाल के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता देवी, बेटी सृष्टि और बेटा सागर हैं। दूसरे नंबर के भाई का नाम नीलम सिंह यादव है। इनकी पत्नी का नाम संजन सिंह है। दो बच्चे शिवराज यादव और अंशु यादव हैं। तीसरे नंबर पर फौरन सिंह का परिवार है। इसमें इनकी पत्नी ममता यादव, बेटी इच्छा यादव और बेटा कान्हा यादव है। परिवार में कभी कोई कामवाली नहीं रही। घर का सारा कामकाज महिलाएं ही करती हैं।
कारीटोरन में मिसाल है स्व. सीताराम पाठक का परिवार
ललितपुर। कारीटोरन गांव निवासी स्व. सीताराम पाठक का परिवार आज भी गांव के लिए मिसाल बना है। परिवार के मुखिया सीताराम का निधन दो साल पहले हो गया था, लेकिन आज भी परिवार में उनके छोटे भाई विश्वनाथ पाठक, भरत पाठक और रामजी पाठक एक ही घर में रहते हैं। खाना-पीना भी परिवार के लोगों का एक साथ होता है। वर्तमान में उनकी पत्नी रामा पाठक के अलावा परिवार की महिलाओं में मिथिलेश पाठक, शीला पाठक और उनकी बेटी प्रीति पाठक, रूवीना पाठक, नीलम पाठक, माधुरी पाठक, संदेश पाठक, ऋतुराज पाठक व बहू दीपिका पाठक साथ रह रहे है। परिवार में तकरीबन 20 सदस्य एक ही घर में प्रेमपूर्वक रहते हैं।
तीन पीढ़ियां प्रेम पूर्वक एक साथ रहती हैं
ललितपुर। शहर के अटा मंदिर के सामने रहने वाले हीरालाल सिंघई के परिवार में आज तीन पीढ़ियां प्रेम पूर्वक एक साथ रहती हैं। सामूहिक परिवार में भाई, बेटे, भतीजे और उनके बच्चे रह रहे हैं। खास बात तो यह है कि इस परिवार में मुखिया की बात कोई टाल नहीं सकता। सभी अपने से बड़े का अदब करते हैं। परिवार में 15 लोग एक ही छत के नीचे निवास करते हैं।