झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी के उपसभापति सुनील नैनवानी समेत छह सदस्यों का कार्यकाल इस माह खत्म हो जाएगा। इसके बाद कार्यकारिणी के छह नए सदस्य चुने जाने हैं हालांकि विधानसभा चुनावों की आचार संहिता के चलते यह चुनाव कराने पर पेच फंसा हुआ है।
नगर निगम की बारह सदस्यीय कार्यकारिणी में सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है। 8 मार्च 2020 को चुने गए सदस्यों का कार्यकाल मंगलवार को खत्म हो जाएगा। जिनका कार्यकाल खत्म होगा उनमें उपसभापति सुनील नैनवानी, विकास खत्री (कांग्रेस), विमल किशोर (बसपा), दिनेश सिंह दीपू (निर्दलीय) एवं मुकेश सोनी, राजेश त्रिपाठी (भाजपा) शामिल हैं। इनका कार्यकाल खत्म होने के बाद अब नया बजट पेश होने से पहले नई कार्यकारिणी का गठित होना आवश्यक है लेकिन, सबसे बड़ा पेच विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते फंस गया। इस आचार संहिता के चलते यह चुनाव करा पाना संभव नहीं। वहीं, इसके तुरंत बाद विधान परिषद चुनावों की आचार संहिता लग जाने की उम्मीद है। ऐसे में बजट पास कराने से पहले यह चुनाव कैसे कराए जा सकेंगे, इसको लेकर मंथन चल रहा है। महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है कि नई स्थितियों के मुताबिक विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
निगम कार्यकारिणी का यह आखिरी चुनाव
अगले दिसंबर में ही नगर निगम सदन का कार्यकाल खत्म होने को है। इस लिहाज से नगर निगम कार्यकारिणी का यह आखिरी चुनाव होगा। आखिरी कार्यकारिणी होने के नाते प्रत्येक दल अपने अधिक से अधिक पार्षदों को भेजने की कोशिश में रहेगा। पिछली बार भाजपा के चार सदस्य कार्यकारिणी से बाहर हुए थे लेकिन, सिर्फ तीन सदस्य ही वापस जगह बनाने में कामयाब रहे थे। सदन के अंदर भाजपा के पास सर्वाधिक संख्या बल है। उसके पास 32 पार्षद समेत महापौर, सांसद के कुल मिलाकर अभी 34 वोट हैं।
उपसभापति की कुर्सी भी हो जाएगी खाली
उपसभापति सुनील नैनवानी का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। इस वजह से उपसभापति पद का भी चुनाव होगा। कार्यकारिणी में भाजपा के पहले से तीन सदस्य हैं। अब उनकी संख्या बढ़कर छह हो गई।