झांसी। छिरौना में हादसे में 11 लोगों की जान गई, मगर कई लोग अंदरूनी चोटें आने की वजह से गंभीर घायल हो गए। पानी से बाहर निकलने के बाद जैसे-जैसे लाशों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे घायल लोग अपना दर्द भूल गए। उन्होंने लाशों को उठवाकर वाहन में रखवाया। पोस्टमार्टम हाउस में भी वो शवों के पास बैठकर बिलखते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रॉली पलटकर खंदक में गिर गई तो श्रद्धालु उसके नीचे दब गए। इस वजह से कई लोगों को शहरी के अंदरूनी हिस्सों में चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने का काम शुरू दिया। पानी की वजह से दम घुटने से कई लोगों की सांसें थम चुकी थीं। वहीं, जो बच गए थे, उनमें से कइयों को गंभीर चोटें आ गई थीं। वह दर्द से कराहने लगे मगर जब उन्होंने अपनी आंखों के सामने परिजनों के शवों को पड़ा देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। ट्रैक्टर पर सवार ठाकुरदास ने बताया कि हादसे में घायल लोग अपना दर्द भूल गए। उन्होंने शवों को उठवाकर वाहन पर रखवाया। साथ ही घायलों को भी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पोस्टमार्टम हाउस में भी वो अपनों के शवों के पास बैठकर बिलखते रहे। कुछ लोगों ने अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने के लिए कहा भी तो भी उन्होंने साफ इंकार कर दिया। कहने लगे कि अपनों के जाने से बड़ा कष्ट क्या होगा?