झांसी। बरेली से सूरत जा रही युवती एक वर्दीधारी सिपाही के चंगुल में आठ दिन तक फंसी रही। शनिवार की सुबह सिपाही ने युवती को नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन में बैठा दिया। इसके बाद वह गायब हो गया। सिपाही ने बताया कि वह झांसी में तैनात है। झांसी में उतरकर युवती सिपाही की तलाश में जीआरपी के पास पहुंच गई। युवती का कहना है कि सिपाही उसका मोबाइल, आधार कार्ड अपने साथ ले गया।
शनिवार को जीआरपी थाने में पहुंची युवती (19) ने बताया कि वह गुजरात के सूरत में अपने भाई के पास रहती है। दो महीने पहले वह बरेली में रहने वाली अपनी बहन प्यारी देवी के घर आ गई थी। यहां उसका जीजा जबरन उसकी शादी कराना चाहता था। उसका परिवार बिहार का रहने वाला है। वह यूपी में शादी नहीं करना चाहती है। जीजा उसके साथ अभद्रता करता था। इस कारण वह वापस सूरत जाना चाहती थी। आठ दिन पहले उसके जीजा उसे बरेली स्टेशन पर बैठाकर चले गए। स्टेशन पर वह रो रही थी, तभी एक वर्दीधारी उसके पास आकर पूछताछ करने लगा। उसकी वर्दी पर अभिषेक तिवारी नाम की नेमप्लेट लगी थी। उसने कहा कि वह सूरत क्यों जा रही है? वह उसे दिल्ली में काम दिलवा देगा। वह सिपाही के साथ दिल्ली चली गई। यहां सिपाही ने उसे मामा की लड़की बताकर गोविंदपुरी के एक घर में रखा। एक हफ्ते तक जब उसे कोई काम नहीं दिलाया तो वह आपस जाने की जिद करने लगी।
इस पर सिपाही ने कहा कि वह झांसी में काम करता है। वहीं पर चलकर तुमको काम दिला देगा। शनिवार की सुबह दिल्ली स्टेशन पर उसे एक ट्रेन में बैठाने के बाद सिपाही ने कहा कि वह दूसरे कोच में बैठा है। झांसी में मिल जाएगा। सिपाही उसका मोबाइल व आधार कार्ड भी ले गया। रास्ते में उससे टीटीई ने बिना टिकट होने के कारण छह सौ रुपये भी ले लिए। ट्रेन के झांसी आने पर वह उतर गई और सिपाही की तलाश करने लगी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसके पास खाने तक के पैसे नहीं हैं। जीआरपी अब युवती को सूरत भिजवाने का इंतजाम कर रही है।