झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस पर 19 नवंबर को झांसी आएंगे। वे यहां किले की प्राचीर से जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके लिए किले का कोना-कोना चमकाया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारी खुद पूरी तैयारियों पर नजर जमाए हुए हैं।
प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव का आगाज प्रधानमंत्री झांसी की धरती से करने जा रहे हैं। 19 नवंबर को वे झांसी आएंगे और किले की प्राचीर से जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी 75 जनपदों से होगा। पीएम ऑफिस से इनपुट मिलने के बाद यहां तैयारियां तेज कर दीं गईं हैं। किले की बाउंड्री को तोड़कर यहां दो गेट बनाए जा रहे हैं। मैदान के समतलीकरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। किला रोड से मैदान तक एक रास्ता भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा किले का भीतरी और बाहरी परिसर भी चमकाया जा रहा है। झाड़ियों को साफ करने का काम जारी है। जल्द ही किले की मरम्मत भी की जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
पीएम से पहले दो बार आएंगे सीएम
झांसी। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी आएंगे। उनका एक दौरा इसी माह होगा। जबकि, प्रधानमंत्री के आगमन से कुछ दिन पहले भी वे यहां आएंगे। उनके ये दोनों ही दौरे प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों के मद्देनजर होंगे। हालांकि, उनके आगमन की अभी तिथियां तय नहीं हुईं हैं।
रानी का जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित हो
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई एक नाम ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की नारी शक्ति की पहचान भी है। उन्होंने अपने बलिदान और शौर्य के जरिये गुलामी की जंजीरों में जकड़े देश के लोगों का सिर गर्व से ऊंचा किया था। यही वजह है कि रानी का नाम पूरी दुनिया में सम्मान के साथ लिया जाता है। पिछले लंबे समय से रानी के जन्मदिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की मांग चली आ रही है। इसके अलावा झांसी के लोग चाहते हैं कि झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन किया जाए।
देश की स्वतंत्रता की पहली लड़ाई झांसी की धरती से वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की अगुवाई में लड़ी गई थी। उनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित किए जाने से देश के अमर सेनानियों का सम्मान होगा।
- तरुण अरोड़ा, अध्यक्ष - बुंदेलखंड जन उत्थान शिक्षा समिति
स्वराज्य की खातिर वीरांगना ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। देश की आजादी में उनके योगदान को देखते हुए वीरांगना के जन्मदिवस 19 नवंबर को राष्ट्रीय पर्व घोषित किया जाए।
- डा. फिरोज खान, अध्यक्ष - मेरा भारत सेवा मिशन
देश की नारी शक्ति की पहचान रानी लक्ष्मीबाई के नाम से है। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित किए जाने से भारत की नारियों का मान बढ़ेगा। सरकार को अविलंब इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।
- विवेक स्वामी, अध्यक्ष - बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन
प्रदेश सरकार ने झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन रखे जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा है। इस बार रानी के जन्मदिवस पर इस प्रस्ताव का मंजूरी दे दी जानी चाहिए।
- अनूप सहगल, पार्षद
रानी का नाम आज भी पूरे देश को गौरव का अहसास कराता है। उनके जन्मदिवस पर पीएम का झांसी आना शुभ संयोग है। ऐसे में पूरे झांसी को पीएम से रानी के जन्म दिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की उम्मीद है।
- स्वप्निल मोदी, चार्टर अध्यक्ष - भारत विकास परिषद (मणिकर्णिका)
झांसी रेलवे स्टेशन का नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम से किए जाने से यहां से गुजरने वाले देश के अलग-अलग हिस्सों के यात्रियों को वीरांगना के बारे में जानने का अधिक मौका मिलेगा। इसमें देर नहीं की जानी चाहिए।
- डा. देवेश रावत, सचिव - नेशनल इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन