झांसी। मड़िया महादेव मंदिर की महिमा निराली है। इस मंदिर से हर साल महाशिवरात्रि पर बुंदेलखंड की सबसे बड़ी भव्य शिव बरात निकाली जाती है। मंदिर का इतिहास बताता है कि अतिक्रमण के कारण यहां तकरीबन 70 वर्षों तक शिवलिंग की पूजा नहीं हो सकी। जब पुलिस प्रशासन की मदद से इसे मुक्त कराए जाने की शुरूआत की गई, तब लगातार छह वर्षों तक परिसर में श्री रामायण का अखंड पाठ किया गया था।
गोविंद चौराहे के पास तंग गलियों में स्थित मड़िया महादेव मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। मंदिर के महंत रामेश्वर प्रसाद उपाध्याय बताते हैं कि यह मंदिर 14वीं सदी में गोसाइयों ने बनवाया था। परिसर में भगवान भोलेनाथ के अलावा श्रीराम दरबार, शनिदेव, हनुमान जी और श्रीराधा-कृष्ण के अलग-अलग भव्य नक्काशीदार मंदिर हैं। महंत के अनुसार गोसाइयों के जाते ही पूरे क्षेत्र और मंदिरों में अतिक्रमण हो गया था। इससे तकरीबन 70 वर्षों तक भोलेनाथ की पूजा भी नहीं हो सकी।
वर्ष 1947 के बाद कुछ समाजसेवियों ने पुलिस के सहयोग से अतिक्रमण हटवाने की कोशिश की लेकिन पूर्ण रूप से सफलता नहीं मिली। वर्ष 2011 में एक बुजुर्ग महंत ने यहां डेरा डाला और कुछ समय तक पूजा की लेकिन अतिक्रमण के कारण वह टिक नहीं पाए।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में इस मंदिर की ओर प्रशासन का ध्यान गया, तब महीनों तक पुलिस प्रशासन ने यहां डेरा डाला और महादेव मंदिर सहित परिसर के सभी मंदिरों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। तब से अनवरत यहां पूजा हो रही है। वर्ष 2022 में इस मंदिर में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भोलेनाथ के दर्शन कर चुनाव के दौरान रोड शो किया था।
शिव बरात रात 12 बजे तक घूमती है
झांसी। मंदिर के पुजारी विनोद समाधिया बताते हैं कि सावन में पूरा एक महीने तक श्री रामायण का अखंड पाठ किया गया था। महाशिवरात्रि पर शाम को चार बजे भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात मंदिर परिसर से उठाई जाती है। यह बरात रात 12 बजे तक पूरी झांसी में घूमती है। इसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। कई संगठन बड़ी-बड़ी झांकियां लेकर आते हैं।
भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र चढ़ाएं
झांसी। मदिर के महंत रामेश्वर प्रसाद उपाध्याय बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर सुबह शिवजी का अभिषेक होगा। इसके बाद भक्तगण पूजा-अर्चना करेंगे। प्रसाद बांटा जाएगा। दोपहर बाद शिव बरात की तैयारी होती है और शाम 4 बजे बरात उठाई जाती है। भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र चढ़ाएं तो मनोकामनाएं पूरी होती हैं।