सरकार की 24 घंटे बिजली पहुंचाने वाली योजना के क्रम में झांसी के गरौठा में बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर पार्क बेहद अहम भूमिका निभाएगा। इस सोलर प्लांट से प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली (तीस लाख यूनिट) बनेगी। इससे तकरीबन पांच लाख घर रोशन हो सकते हैं। इसके साथ ही पावर ग्रिड को सस्ती बिजली मिलेगी। विभाग को भी फायदा होगा। काफी हद तक बिजली का संकट भी दूर किया जा सकेगा।
गरौठा में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क लगाने का करार हुआ था। इसके लिए सात गांवों में गैर कृषि योग्य भूमि में पार्क की स्थापना के लिए भूमि ली गई थी। अब इसमें फें सिंग का काम कराया जा रहा है। जिस हिसाब से काम हो रहा है, उससे उम्मीद है कि अप्रैल 2023 डेडलाइन से पहले ही काम पूरा हो जाएगा और उत्पादन कर लिया जाएगा। विभाग का दावा है कि इसी साल से बिजली बनने लगेगी।
प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू होने से तकरीबन 30 लाख यूनिट बिजली बनने लगी। वहीं किसानों की जमीन भी 29 साल के लिए लीज पर ली गई है। जिसमें प्रति एकड़ 20 हजार रुपये हर साल किराया दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यहां से बनने वाली बिजली 2.5 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी। इस लिहाज से देखा जाए तो पावर ग्रिड को बहुत सस्ती बिजली मिलेगी, जिससे राजस्व में भी लाभ होगा।
इन गांवों की ली गई है जमीन
खरौरा, जसवंतपुरा, जलालपुरा, पुरा, शंकरगढ़, सुजानपुरा, नादौल, बरारू के करीब 3,023 एकड़ भूमि चयनित की गई है। जिस पर फेंसिंग का काम कराया जा रहा है। इसके साथ ही इसमें 3,013 करोड़ की लागत आएगी। जिसमें पार्क के विकास पर 313 करोड़ और परियोजना विकसित करने पर 2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
इस तरह रोशन होंगे घर
600 मेगावाट में 30 लाख यूनिट बिजली बनती है। अमूमन एक परिवार ग्रामीण क्षेत्र में पांच यूनिट और शहरी क्षेत्र में औसतन दस यूनिट बिजली जलाता है। इस हिसाब से प्रतिदिन पांच लाख से ज्यादा परिवारों तक भरपूर और सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है।
सोलर पार्क समय से बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए पूरी मशीनरी लगी हुई है। जल्द ही यहां से उत्पादन होने लगेगा।
- एस.के गुप्ता, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा झांसी