झांसी। गर्मी बढ़ते ही डायरिया का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। बच्चे से लेकर बढ़े तक इसका शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में 15 फीसदी तक डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का सुझाव है कि इस बीमारी से शरीर में पानी की कमी न होने दें। वरना अस्थायी रूप से किडनी फेल हो सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट मरोड़ना, उल्टी आना, बुखार, कमजोरी डायरिया के लक्षण हैं। इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। इस स्थिति में होंठ और मुंह सूखना, पेशाब कम होना आदि समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच और इलाज कराएं। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. रजत जैन ने बताया कि लगातार दस्त की वजह शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जो बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इससे अस्थायी रूप से गुर्दे फेल हो जाते हैं। फिर डायलिसिस और दवाओं की मदद से ठीक तो हो जाते हैं। मगर इसका लंबा और महंगा इलाज होता है। ऐसे में दस्त लगें तो ओआरएस पीना शुरू कर दें। वहीं, जिला अस्पताल के बाल रोग चिकित्सक डॉ. अरविंद सोनी ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में 15 फीसदी बच्चे तो डायरिया का शिकार ही आ रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने कहा कि गर्मियों में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। इस कारण डायरिया हो जाता है। ऐसे में स्वच्छ और ताजा खाना खाएं। इन दिनों डायरिया के मरीज की संख्या एकदम से बढ़ी है।
ये हैं लक्षण
- जी मिचलाना
- पेट में मरोड़
- लूज मोशन
- सूजन
- डिहाइड्रेशन
- बुखार
बचाव के लिए ये उपाए करें
- तेज धूप में जाने से पहले पानी पीएं
- धूप में सिर ढककर निकलें
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
- बासा खाना खाने से परहेज करें
- स्वच्छ पानी का सेवन करें
- ज्यादा तला खाना न खाएं
- डायरिया होने पर नमक चीनी का घोल पिलाएं
- कटे हुए फल व खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं