झांसी। ब्लॉक गुरसराय के ग्राम बछेह और ब्लाक बामौर के ग्राम खड़ेनी में सौर ऊर्जा से बिजली बनाने को स्वीकृत मिल गई है। जिन किसानों की जमीन बंजर है और खेती नहीं कर पा रहे हैं, वह कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर बिजली बना सकते हैं और उसे बेच भी सकते हैं। बदले में कमाई के अवसर मिलेंगे।
केंद्र सरकार की किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान (कुसुम) योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा से पानी के पंप चलाए जाते हैं। इसमें किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की सुविधा दी जाती है। अगर कोई किसान अतिरिक्त बिजली बनाकर बेचता है तो बदले में उसे पैसा कमाने का मौका दिया जाता है। अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह इसका उपयोग सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकता है।
केंद्र व राज्य सरकार 30- 30 प्रतिशत सब्सिडी देती है। सोलर प्लांट लगने से 24 घंटे बिजली की सुविधा रहेगी। सोलर पैनल से जो अतिरिक्त बिजली मिलेगी, उसे बिजली विभाग अथवा गैर सरकारी क्षेत्र को बेचा जा सकता है। जो सोलर पैनल लगाए जाएंगे, वह बंजर भूमि में लगेेेंगे, जिससे बंजर भूमि का उपयोग हो सकेगा।
गुरसराय ब्लॉक के ग्राम बछेह में छह मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट स्वीकृत हो गया है। इस प्लांट के आसपास के पांच किलोमीटर क्षेत्र में जिन किसानों की जमीन आ रही है और खेत खराब हैं या बंजर हैं, खेती करने से नुकसान हो रहा है तो बिजली बनाकर बेच सकते हैं। इसी तरह बामौर ब्लाक के ग्राम खड़ेनी में भी योजना के अंतर्गत प्लांट लगाया जा रहा है।
ग्राम बछेह और ग्राम खड़ेनी में कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट का काम शुरू हो गया है।
- शशि कुमार गुप्ता
परियोजना अधिकारी, नेडा