झांसी। प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने पर ही अब पारीछा थर्मल पावर प्लांट की बंद इकाइयां चालू होंगी। प्लांट अधिकारियों की माने तो दीपावली के बाद सिंचाई शुरू हो जाएगी। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ जाएगी। उस स्थिति में ही इकाइयों को चालू किया जाएगा। वहीं, प्लांट में कोयले का स्टॉक बढ़कर एक लाख टन से ऊपर पहुंच गया। इस स्टॉक से बिना कोयला मिले 12 दिन तक चारों इकाइयों को चलाया जा सकता है।
मौसम में ठंडक बढ़ते ही प्रदेश में बिजली की मांग लगातार कम चल रही है। बुधवार को भी प्रदेश में दिन के वक्त 1100 मेगावाट और रात में 15500 हजार मेगावाट बिजली की मांग रही। जबकि आम दिनों यह मांग 20 हजार मेगावाट तक रहती है। वहीं, 17 अक्तूबर से पारीछा थर्मल पावर प्लांट की 920 मेगावाट क्षमता की चारों इकाइयों और हरदुआगंज की 500 मेगावाट की दोनों इकाइयां स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ (एसएलडी) के आदेश पर बंद कर दी गई थी। बुधवार को भी प्लांट की चारों इकाइयों को बंद रखा गया। वहीं, बुधवार को एक मालगाड़ी और मिलने से स्टॉक में एक लाख टन से अधिक कोयला इकट्ठा हो गया है।
- अभी उत्पादन इकाइयों के चालू होने की उम्मीद कम है। सिंचाई शुरू होते ही प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ेगी। इसके बाद ही स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर इकाइयों को चालू किया गया है। कोयले की मालगाड़ियां लगातार मिल रहीं हैं, इससे स्टॉक बढ़ता जा रहा है।
एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।