सनोरा मोहल्ला निवासी कैलाश जोशी (62) पुत्र बाबू लाल शिव मंदिर में पुजारी थे। पहाड़ी के नीचे परिवार के साथ रहते थे। खाना खाने रोजाना घर जाते थे। शुक्रवार रात से घर नहीं पहुंचे। रविवार सुबह सफाई कर्मचारी मंदिर पहुंचा तब कैलाश की कुटिया खुली हुई थी। यह देख उसने कुटिया में ताला लगाकर उसकी चाबी देने उनके घर चला गया। यहां परिजनों को उनके मंदिर में न होने की बात मालूम चली। इसके बाद उनको तलाशते हुए उनका बड़ा बेटा राजेंद्र ऊपर मंदिर में पहुंचा। यहां कैलाश नहीं मिले। राजेंद्र ने उनके मोबाइल पर फोन मिलाया लेकिन, मोबाइल मंदिर के अंदर रखा था।
कैलाश का पता न चलने से परेशान अन्य परिजन भी वहां पहुंच गए। तलाशने के दौरान मंदिर के पीछे रास्ते में कैलाश की चप्पल पड़ी मिली। जब उन लोगों ने वहां तलाशना शुरू किया तब पहाड़ी से करीब सौ मीटर नीचे झाड़ी में कैलाश की खून से रक्तरंजित लाश पड़ी थी। सिर पर वजनी चीज से प्रहार किया गया था। गले एवं चेहरे पर भी चोट के निशान थे। पुजारी की हत्या की सूचना मिलते ही एसएसपी राजेश एस, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। फोरेंसिक टीम ने आसपास से कई नमूने लिए। एसएसपी राजेश एस ने परिजनों से काफी देर तक बातचीत की। परिवार में तीन बेटे हैं, जबकि उनकी पत्नी की कई साल पहले मौत हो चुकी। तीनों बेटों की शादी हो चुकी। तीनों बेटे प्राइवेट काम करते हैं। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि परिजनों ने किसी तरह की रंजिश की बात से इनकार किया है। पुलिस सभी बिंदुओं की पड़ताल कर ही है। हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।