झांसी। बैंड, बाजे और शहनाइयों की गूूंज रविवार से होने लगेगी। देवोत्थान एकादशी पर 14 नवंबर से महानगर में शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। इस दौरान महानगर में करीब 500 से अधिक शादियां होंगी। इस बार शादियों में न तो मेहमानों की संख्या पर बंदिश है और न ही अनुमति लेने की जरूरत पड़ेगी। लंबे समय बाद सहालग सीजन को लेकर हर कोई उत्साहित है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के चलते बीते पिछले डेढ़ साल से शादी समारोह पर तमाम बंदिशें थीं। सरकार ने आयोजनों में मेहमानों की संख्या तय कर दी थी। साथ ही बरात और अन्य आयोजनों की अनुमति लेनी पड़ रही थी। इसके चलते वैवाहिक समारोह से जुड़े कारोबारियों और लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
रविवार से देवोत्थान एकादशी के साथ शादियां फिर शुरू हो जाएंगीं। इस दौरान महानगर में करीब 500 से अधिक शादियां होंगी। त्योहार और शादी कार्यक्रम के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
दो दिन मनेगी देवोत्थान एकादशी
सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु क्षीर सागर में निद्रा करते हैं। उनका जागरण देवोत्थान एकादशी पर होता है। आचार्य शांतनु पांडेय के अनुसार देवोत्थान एकादशी की तिथि 14 नवंबर को सुबह 5:48 बजे से 15 नवंबर को सुबह 6:39 बजे तक रहेगी। रविवार को संपूर्ण दिन तथा सोमवार को उदयातिथि होने के कारण यह पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। पर्व पर श्रद्धालु गन्नों का मंडप बनाकर विधि विधान से भगवान का जागरण कराएंगे और पूजा करेंगे। इसके साथ ही कई श्रद्धालु तुलसी-शालिग्राम का विवाह भी करेंगे। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार 14 दिसंबर की मध्य रात्रि 3:48 बजे सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इससे विवाह कार्य थम जाएंगे, जो फिर मकर संक्राति के बाद प्रारंभ होंगे।
यह हैं विवाह लग्न तिथियां
नवंबर - 14, 15, 19, 20, 21, 28, 29, 30
दिसंबर - 1, 2, 3, 5, 7, 11, 12 और 13
150 करोड़ रुपये का होगा कारोबार
त्योहारों के बाद अब महानगर के बाजारों को शादी सीजन गुलजार किये हुए हैं। कई व्यापारियों के अनुसार लगभग एक माह में होने वाली शादियों व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों से डेढ़ अरब रुपये से अधिक का व्यापार होगा। सर्राफा बाजार में भी चमक तेज हो गई है। दूल्हा - दुल्हन के लिए पहने जाने वाले आभूषण तेजी से तैयार हो रहे हैं। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार प्रतिदिन पांच करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हो रहा है। सराफा बाजार व्यापार कमेटी के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल के अनुसार पिछले वर्षों की अपेक्षा वर्तमान सीजन सराफा व्यापरियों व कारीगरों के लिए बेहतर साबित हो रहा है।
सज गए विवाह घर
झांसी में 14 नवंबर से 13 दिसंबर तक लगभग सभी विवाह घर बुक हो चुके हैं। बुंदेलखंड विवाह घर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक दत्त स्वामी के अनुसार वर्तमान शादी सीजन ने विवाह घर संचालन कारोबार में जान फूंक दी है। एसोसिएशन में 175 मैरिज गार्डन पंजीकृत है। इनमें 90 प्रतिशत मैरिज गार्डन विवाह लग्न की तिथियों में बुकिंग हो चुके हैं। उनके अनुसार विवाहघरों में कोविड नियमों का पूर्ण पालन कराया जाएगा।
कैटर्स और हलवाइयों पर वक्त नहीं
कोरोना के कारण पिछले दो वर्ष में कैटरिंग का काम लगभग दम तोड़ चुका था। लेकिन अब स्थिति कुछ अलग हो गई है। कैटरिंग संचालक नवीन राय का कहना है कि लोगों में व्यापक उत्साह है। झांसी में दो सौ से ज्यादा कैटरिंग संचालक है। लगभग सभी के पास काम है। कई के पास बाहर की भी बुकिंग है।
डीजे और बैंड की धुनों पर खूब नाचेंगे बाराती
झांसी में 250 डीजे व करीब 25 बैंड है। यह कारोबार भी कोविड सहित कई अन्य कारणों से ठंडा पड़ा था। चिंटू डीजे वाले के अनुसार इस कारोबार में 14 व 15 नवंबर से एक बार फिर तेजी आ जाएगी। करीब - करीब सभी डीजे व बैंड नवंबर तथा दिसंबर की विवाह लग्न तिथियों व अन्य कार्यक्रमों के लिए बुकिंग हो चुके हैं। इनमें तालबेहट, ओरछा, दतिया के लिए भी बुकिंग हुए है।