झांसी। कोरोना महामारी ने लोगों को खूब सताया है। झांसी-ललितपुर में कोरोना काल में 8000 नए डायबिटीज के मरीज बना दिए हैं। इसके अलावा पहले से ही मधुमेह की चपेट में रहे 25 हजार मरीजों का मर्ज कंट्रोल में ही नहीं आ रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि महामारी के इलाज के दौरान अंधाधुंध स्टेरॉयड का इस्तेमाल, खौफ और तनाव का माहौल के साथ-साथ बिगड़ा खानपान मुख्य कारण है।
कोरोना महामारी के पहले झांसी में लगभग 25 हजार और ललितपुर में 12 हजार मधुमेह के मरीज थे। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना काल में डायबिटीज के मरीजों की संख्या में 25 फीसदी तक इजाफा देखने को मिला है। जबकि, 80 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं, जिनकी डायबिटीज पहले कंट्रोल में थी, लेकिन महामारी के चलते अब कंट्रोल में ही नहीं आ रहा है। ऐसे में झांसी में पांच और ललितपुर में तीन हजार डायबिटीज के नए मरीज सामने आए हैं। जबकि, झांसी में 20 और ललितपुर में चार हजार रोगियों की डायबिटीज अनियंत्रित हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के इलाज में स्टेरॉयड देने की वजह से डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हुई है। जिन्हें मधुमेह थी, उन्हें भी खूब स्टेरॉयड चला। दूसरी वजह ये भी है कि कोरोना वायरस हमारी पैंक्रियाज को प्रभावित करता है। यह वायरस बीटा कोशिकाओं पर अटैक करता है और उसे तोड़ने की कोशिश करता है। इससे हमारे शरीर में इंसुलिन निकलना कम हो जाता है। शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। तीसरी बड़ी वजह कोरोना काल में पहले लॉकडाउन और फिर महामारी के डर से लोग की फिजिकल एक्टिविटी कम रही, जबकि घरों में खूब तला-भुना खाते रहे। इस कारण भी शरीर का शुगर लेवल बढ़ गया। डायबिटीज के पुराने मरीजों को इंसुलिन समेत दवाएं मिलने में कठिनाई आईं। ऐसे में कंट्रोल मर्ज अनियंत्रित हो गया।
अब 750 की जगह आ रहे 1000 मरीज
मेडिकल कॉलेज में डायबिटीज क्लीनिक, ओपीडी और आईपीडी में हर महीने औसतन 750 मधुमेह के नए मरीज सामने आते थे। जबकि, अब 1000 मरीज मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते इलाज शुरू करा देने पर इसे नियंत्रित रखा जा सकता है।
ये हैं कारण
- अंधाधुंध स्टेरॉयड का इस्तेमाल
- महामारी में तनाव का बढ़ना
- फिजिकल एक्टिविटी कम होना
- खूब तला-भुला का खूब सेवन
- बीटा कोशिकाओं पर असर होना
ऐसे रखें ध्यान
- शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं
- खानपान में मीठा कम खाएं
- समय पर दवाओं का सेवन करें
- ब्लड शुगर की नियमित जांच कराएं
कोरोना काल में 25 फीसदी मधुमेह रोगी बढ़े हैं। जबकि, 80 फीसदी की डायबिटीज अनियंत्रित हो गई। इसके पीछे के तमाम कारण हैं। बड़ी वजहों में कोविड के इलाज में स्टेरॉयड का उपयोग, फिजिकल एक्टिविटी कम होना, तनाव बढ़ना आदि शामिल है। - डॉ. रामबाबू सिंह, फिजीशियन।
कोविड में स्टेरॉयड का काफी इस्तेमाल हुआ। वायरस ने भी बीटा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा। इन कारण मधुमेह के मरीजों का तेजी से इजाफा हुआ। मधुमेह को खत्म नहीं किया जा सकता, सिर्फ नियंत्रित रखा जा सकता है। ऐसे में दवाओं का नियमित सेवन करें। - डॉ. राजीव जैन, फिजीशियन।