झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में परीक्षा समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए। जिसमें स्नातक और परास्नातक के छात्र-छात्राओं के पिछली और अगली परीक्षाओं के बारे में चर्चा की गई। इसमें तय किया गया कि बीएलएड प्रथम वर्ष में अनुतीर्ण विद्यार्थियों के द्वितीय वर्ष में अच्छे अंक लाने पर परिणाम को संशोधित किया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि बीएलएड के द्वितीय और तृतीय वर्ष में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाता है। वे पिछले वर्ष परीक्षा भूतपूर्व अभ्यर्थी और मौजूदा वर्ष परीक्षा नियमित अभ्यर्थी के रूप में देंगे।
यदि भूतपूर्व अभ्यर्थी के रूप में दी परीक्षा में बैकपेपर आ जाता है तो आगामी बैकपेपर परीक्षा में वे सम्मिलित हो सकते हैं। वे विद्यार्थी जिनकी पहले ही किसी विषय में बैक लगी हुई है और प्रथम वर्ष में औसत अंक के आधार पर अनुत्तीर्ण हो गए थे, उनका द्वितीय वर्ष में उत्तीर्ण होने के बाद सैद्धांतिक अंकों के औसत के आधार पर प्रथम वर्ष का परीक्षाफल संशोधित कर दिया जाएगा।
वहीं एमए, एमकॉम के प्रथम वर्ष की परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को द्वितीय वर्ष की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। यदि वे उस परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाते हैं तो प्रथम वर्ष के अंक द्वितीय वर्ष के अंक के औसत के अनुसार प्रदान किए जाएंगे। पाठ्यक्रम पूर्ण करने की सीमा समाप्त कर चुके छात्र किसी विषय में बैक के कारण डिग्री नहीं ले पा रहे हैं तो वे सम और विषम सेमेस्टर के अनुसार परीक्षा दे सकते हैं। वार्षिक परीक्षा के सभी अभ्यर्थी वार्षिक परीक्षा में ही शामिल होंगे। इसे लेकर परीक्षा नियंत्रक ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं।