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जलाशय छीन रहे जान, नदारद हैं सुरक्षा के इंतजाम

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झांसी। झांसी मंडल में स्थित जलाशय एवं चैकडैम लोगों की जिंदगी छीन रहे हैं। सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। पिछले पांच दिन के भीतर दो अलग-अलग जलाशयों में समा जाने से चार युवाओं की मौत हो चुकी। अगर यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तब आगे भी दुर्घटनाओं की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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मानसूनी सीजन में बांधों से बड़ी तादाद में पानी छोड़ा जा रहा है। पानी के बहाव की इस खूबसूरती को देखने के लिए रोजाना सैकड़ों लोग जलाशयों के पास जुट रहे हैं, लेकिन किसी जलाशय के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
बरुआसागर झरना इसी वर्ष ओवरफ्लो होकर बहना शुरू हुआ। इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। झरने के दूसरी तरफ गहरा तालाब है। बिल्कुल किनारे पर ही यह तालाब करीब दस फीट गहरा है लेकिन, इस खतरनाक गहराई को प्रदर्शित करने के लिए वहां कोई निशान नहीं बनाया गया है। तालाब में कोई रस्सी भी नहीं लगाई गई। बाहर से आने वाले लोग इस खतरनाक गहराई का अनुमान नहीं लगा पाते। इसके चलते अकसर ही यहां दर्दनाक हादसे होते हैं।
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मंगलवार को दोनों युवक भी इसी गहराई का अहसास न कर पाने से गहरे पानी में समा गए। इसी तरह अठोंदना चैकडैम में भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। लघु सिंचाई विभाग ने यह चैकडैम इसी वर्ष बनाया है। पानी का सुंदर बहाव होने से मानसूनी सीजन में बड़ी संख्या में लोग छोटे-छोटे बच्चों के संग यहां पहुंचे। चेकडैम में पक्के निर्माण के किनारे ही गहरा पानी है लेकिन, यहां भी गहराई प्रदर्शित करने वाला कोई निशान नहीं है। इस वजह से अक्सर हादसे की आशंका रहती है। नौ सितंबर को यहीं पर दो युवकों की डूब जाने से मौत हो गई। इसी तरह सुकुवां-ढुकुवां में वियर के पास का पूरा इलाका खुला हुआ है। यहां सैकड़ों लोग वहीं सामने खड़े होकर पानी के गिरने का लुत्फ उठाते हैं, जो बड़े हादसे को दावत देता है। पहूंज बांध में सुरक्षाकर्मियों के न होने की वजह से अक्सर लोग पानी निकासी के गेट के सामने पहुंच जाते हैं। माताटीला एवं पारीछा बांध के आसपास भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
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