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जमानत पर छूटे अपराधियों का ठिकाना नहीं बता सके थानेदार

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झांसी। जमानत पर छूटने वाले अपराधियों के बारे में उस इलाके के थानेदार को ही नहीं मालूम। थानों में इससे संबंधित रजिस्टर तक नहीं भरे जा रहे। थानेदारों की यह लापरवाही एक बैठक के दौरान उजागर हुई। लापरवाह थानेदारों के पेंच कसते हुए डीआईजी ने उनको पंद्रह दिन की मोहलत दी है।
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दरअसल, कुछ दिनों पहले डीआईजी जोगेंद्र सिंह ने अपराध समीक्षा को लेकर मंडल के पुलिस अफसरों संग बैठक बुलाई। इसमें मंडल के थानेदार भी शामिल हुए। हाल में चोरी की घटनाओं में आई बाढ़ को देखते हुए डीआईजी ने थानेदारों से अपने इलाके में रहने वाले अपराधियों के बारे में बताने को कहा, लेकिन अधिकांश थानेदार जवाब नहीं दे पाए। पुलिस सूत्रों का कहना है नवाबाद, सदर बाजार, तालबेहट, कोतवाली थानेदार के पास अपराधियों से संबंधित ब्यौरा नहीं था। थानेदारों की इस लापरवाही पर डीआईजी का पारा चढ़ गया। उन्होंने थानेदारों को फटकार लगाते हुए प्रत्येक दशा में अपने थाना क्षेत्र में रहने वाले अपराधियों का पूरा ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करने को कहा। सूत्रों का कहना है कि कई थाने ऐसे मिले जहां पचास से अधिक अपराधी जमानत पर बाहर हैं लेकिन, रजिस्टर में महज पांच-छह नाम ही दर्ज हैं।
थानेदारों को पंद्रह दिन का मौका दिया गया है। इतने दिन में वह अपने-अपने इलाकों में छूटे अपराधियों का पूरा ब्यौरा दर्ज करके अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। अपराधियों की नियमित निगरानी से चोरी जैसी वारदातों में निश्चित तौर पर कमी आएगी।
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जोगेंद्र सिंह डीआईजी, झांसी मंडल
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