झांसी। जिले में उन 118 किसानों के राशन कार्ड निरस्त करने का फैसला हुआ है जिन्होंने क्रय केंद्रों पर तीन लाख से अधिक कीमत का खाद्यान्न बेचा है। प्रशासन ने इन्हें अपात्र माना है। नगरीय क्षेत्र में पांच और ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे 113 किसानों को चिह्नित किया गया है। ये सभी किसान सस्ती दरों पर मिलने वाले राशन का लाभ ले रहे थे।
जिले में राशन की 780 दुकानों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें अंत्योदय राशन कार्डों की संख्या 43831 व पात्र गृहस्थी के लगभग तीन लाख यूनिट खाद्यान्न वितरित किया जाता है। सरकारी नियमानुसार राशन कार्ड बनवाने के लिए परिवार की कुल आय तीन लाख रुपये हो और परिवार के किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन, सौ वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र का मकान, सात एकड़ से अधिक जमीन, घर में एसी नहीं होने के साथ ही कई शर्तों को लागू किया गया है। लेकिन जिले के 118 किसान कई सालों से सस्ती दरों पर अनाज ले रहे थे। मामला तब पकड़ा गया जब 118 किसानों ने सरकार को तीन लाख रुपये से अधिक धनराशि की फसल को बेचा। भुगतान करने पर बैंक खाते में आधार कार्ड लिंक होने के कारण किसानों की सत्यता उजागर हो गई। मामला उजागर होने पर शासन द्वारा किसानों की सूची को जिला पूर्ति विभाग को जारी किया गया है। विभाग द्वारा किसानों का सत्यापन का कार्य को शुरू कर दिया गया है। सत्यापन के बाद जिले के 118 किसानों के राशन कार्ड को निरस्त कर वसूली की जाएगी।
इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी तीर्थ राज यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के 118 किसानों की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर राशन कार्ड को निरस्त कर वसूली की जाएगी।