झांसी। स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने के लिए अब स्कूल परमिट पर ही निजी वाहन संचालित हो सकेंगे। कांट्रेक्ट कैरेज, ऑल यूपी या ऑल इंडिया परमिट के सहारे स्कूली बच्चों को सफर नहीं कराया जा सकेगा। परमिट के लिए वाहन संचालकों को आरटीओ में आवेदन करना होगा।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद से ही परिवहन विभाग स्कूली वाहनों को लेकर बहुत संजीदा है। पिछले हफ्ते हुई विभागीय बैठक में आरटीओ को स्कूल परमिट जारी करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। पहले यह होता था कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए निजी वाहनों को बुक करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, बिना स्कूल परमिट के अभिभावक बच्चों को किसी भी वाहन में नहीं भेज सकेंगे।
स्कूल परमिट के लिए आवेदन के बाद वाहन का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। उधर, भौतिक निरीक्षण में बच्चों की सुरक्षा के लिए मानकों का गहनता से सत्यापन किया जाएगा। स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे, सीट बेल्ट, अग्निशमन यंत्र, खिड़कियों पर जाली, पीले रंग की बस, आगे-पीछे स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर और पता सहित सभी मानकों का सत्यापन होने के बाद ही परमिट जारी होगा।
स्कूल परमिट पहले भी जारी होते थे, लेकिन जो बस स्कूल के नाम से होती थी, उन्हें ही परमिट मिलता था। अब नई नियमावली आ गई है, जो व्यक्ति अपनी बस या वाहन स्कूल में कांट्रेक्ट पर लगाएगा। उसे स्कूल परमिट के लिए आवेदन करना होगा। आरटीए की बैठक में इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है। पहले जो अभिभावक टैक्सी लगवाते हैं। वह भी इस परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। - आरआर सोनी, आरटीओ