झांसी। चोरी की बिजली से नलकूप चलाने के लिए एक किसान ने खेत में तार बिछा रखा था। बुधवार की रात को यहां चरते हुए तीन गाय पहुंच गईं और करंट लगने से तीनों की मौत हो गई। मामला पंचायत में पहुंचा। पंचों ने मौका मुआयना और लोगों की बात सुनने के बाद खेत मालिक को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए फरमान सुनाया कि वह पूरे गांव की कन्याओं को भोज कराएं। अगर वह ऐसा नहीं करते तो बहिष्कार कर दिया जाएगा। खेत स्वामी ने पंचायत के फरमान को स्वीकार कर लिया।
यह मामला ललितपुर जनपद में तालबेहट तहसील क्षेत्र के गांव बुदावनी का है। इस गांव निवासी किसान आत्माराम के खेत में बुधवार की रात को तीन गायों की मौत हो गई थी। शुरूआत में तो लोगों को पता ही नहीं चला कि गायों की मौत हुई कैसे है लेकिन जब ग्रामीणों ने जानकारी की तो पता चला कि खेत में बिछे बिजली के तार की चपेट में आकर पशुपालक रामनरेश, सीताराम और जागेश्वर की गाय की मौत हो गई। यह गायें घास चरते हुए खेत तक पहुंच गईं थीं। आरोप है कि गायों की मौत के बाद खेत मालिक ने चुपके से तार भी समेट लिया था। गांव में एक साथ तीन गायों की मौत होने को लेकर बेचैनी फैल गई। तरह-तरह की बातें शुरू हो गईं। बताया जाता है कि गांव के कुछ लोग इकट्ठा होकर खेत मालिक के पास भी पहुंचे लेकिन कोई हल निकल नहीं सका। यह लोग पुलिस से शिकायत करने की बात करने लगे। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने रोक दिया। बाद में तय किया गया कि इस मामले को गांव में पंचायत में रखा जाए। बृहस्पतिवार को पंचायत बैठी और पंचों ने सभी बिंदुओं को सुना। मौके का निरीक्षण भी किया। पंचायत में खेत मालिक, पशु पालक और तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। पंचायत के समक्ष पशुपालकों ने अपनी पीड़ा रखी। इसके बाद खेत मालिक आत्माराम ने भी अपना पक्ष रखा। लेकिन पंचायत ने खेत मालिक के पक्ष को नकार दिया। पंचायत ने कहा कि खेत मालिक को गायों के मरने के बारे में पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बाद भी उसने सच नहीं बताया और मामले पर पर्दा डाला। मामले में पंचायत ने खेत मालिक को दोषी मानते हुए गांव में धार्मिक कार्यक्रम कराने के साथ ही पूरे गांव की कन्याओं का भोज कराने का फरमान सुनाया।