झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 512.74 करोड़ की लागत से ललितपुर में बने भावनी बांध का 19 नवंबर को लोकार्पण करेंगे। इसकी मदद से 3800 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जा सकेगी। इसका आठ हजार से अधिक किसान फायदा उठा सकेंगे। इस बांध की मदद से अभी तक असिचिंत इलाके में खरीफ समेत रबी सीजन की फसलों को भी पानी मिल सकेगा।
भावनी बांध परियोजना की शुरुआत वर्ष 2012-13 में हुई थी। यह बांध ललितपुर के तालबेहट के ग्राम भावनी एवं तहसील महरौनी के मरोली के पास से बहने वाली सजनम नदी पर बना है। सजनम जामनी नदी की सहायक नदी है। शुरूआत में प्रोजेक्ट की लागत करीब पौने चार सौ करोड़ रुपये आंकी गई, लेकिन जमीन अधिग्रहण की राशि में इजाफा होने से इसकी लागत बढ़ गई। शुरुआती समय में प्रोजेक्ट की रफ्तार काफी धीमी रही। पिछले दो साल से प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी। अब यह बांध बनकर तैयार हो गया। पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए 20.300 किमी लंबी मुख्य नहर का निर्माण भी पूरा हो गया है। 15.68 मीटर ऊंचाई वाले इस बांध की कुल लंबाई 4.08 किमी है। बांध के भीतर कुल 23.790 एमसीएम पानी स्टोर किया जा सकेगा। इसकी मदद से कुल 3800 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होगी जबकि इसके पहले इस इलाके में रबी सीजन में पानी नहीं मिल पाता था।
अधीक्षण अभियंता शीलवंत उपाध्याय के मुताबिक बांध की मदद से बछरावनी टीला, मरोली, गहराव, जरावली, कैलोनी, बुरौगांव, भावनी, पाठपचौड़ा, भुजउपुरा, धनगौल, चुनगी, मामलौन, भैलोनीसूबा, रमपुरा कठवर, जिजरवारा, संसुवा, ककरेला, बघौरा एवं नया खेड़ा के किसानों को फायदा मिलेगा। यहां के करीब 8062 किसानों को इसका फायदा होगा। अभी यहां के किसान सिर्फ खरीफ सीजन की फसल ही अच्छी कर पाते थे। पानी की कमी के चलते रबी सीजन की फसल अच्छी नहीं हो पाती थी। इसके अलावा 1.47 एमसीएम पानी पीने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इससे 30 हजार लोगों को पीने का पानी भी मिल सकेगा। औद्योगिक उपयोग के लिए भी पानी का इंतजाम इस बांध के जरिए किया गया है। इस परियोजना के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झांसी के कुछ निकटवर्ती इलाकों के साथ ही महोबा के लिए खासी फायदेमंद सिंचाई परियोजना अर्जुन कैनाल का भी लोकार्पण करेंगे। इसके स्प्रिंकलर सिंचाई की भी शुरुआत होगी। वहीं, अधीक्षण अभियंता का कहना है कि बांध का काम तकरीबन पूरा कर लिया गया है।