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झांसी में एनसीसी पूर्व छात्रसंघ के पहले सदस्य बनेंगे प्रधानमंत्री मोदी

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झांसी। सेना के राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व में हिस्सा लेने 19 नवंबर को झांसी आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां एनसीसी पूर्व छात्रसंघ का गठन करेंगे और इसके पहले सदस्य वे खुद बनेंगे। झांसी से होने वाली इस नई शुरुआत के बाद देश भर में फैले एनसीसी के लाखों पूर्व कैडेट इस संगठन से जोड़े जाएंगे।
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विद्यार्थी जीवन में एनसीसी में शामिल रहे लाखों पूर्व कैडेट देश भर में फैले हुए हैं। ये सशस्त्र बलों के अलावा समाज के विभिन्न क्षेत्र उद्योग, नौकरशाही, कला, संस्कृति, राजनीति आदि में अपनी चमक बिखेर रहे हैं। इन सभी को एक मंच पर लाने के लिए एनसीसी पूर्व छात्रसंघ की शुरुआत की जा रही है, ताकि इनके अनुभवों का आने वाली पीढ़ी को लाभ मिल सके। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को झांसी से करेंगे और संस्था के पहले सदस्य भी वे खुद बनेंगे। इसके बाद से कोई भी एनसीसी का कैडेट इस संस्था से जुड़ सकेगा। इसके शुभारंभ के बाद संस्था की वेबसाइट www.nccauto.gov.in/alumni को खोल दिया जाएगा। एनसीसी का कोई भी पूर्व कैडेट 100 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर संस्था की पूर्णकालिक सदस्यता हासिल कर सकेगा।
एनसीसी कैडेट को सेना देगी उच्च प्रशिक्षण
झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को एनसीसी कैडेट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सिमुलेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ करेंगे। इसके तहत आर्मी, एयरफोर्स और नेवी एनसीसी कैडेट को उनके क्षेत्र में प्रशिक्षित करेगी। एनसीसी की सेना विंग के लिए राइफल फायरिंग सिमुलेटर लगाए जा रहे हैं। वायु सेना विंग के लिए माइक्रोलाइट फ्लाइंग सिमुलेटर लगाए जा रहे हैं। जबकि, नौसेना विंग के लिए रोइंग सिमुलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। देश भर में आर्मी 198, वायुसेना 644 व नौसेना 1061 सिमुलेटर स्थापित करेगी। इनमें से उत्तर प्रदेश में 125 सिमुलेटर स्थापित किए जाएंगे।
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ये है सिमुलेटर की विशेषता
अब तक एनसीसी कैडेट को फायरिंग का प्रशिक्षण फील्ड फायरिंग रेंज में ले जाकर दिया जाता है। लेकिन, सिमुलेटर के जरिये स्क्रीन पर नजर आ रहे टारगेट पर उन्हें अटैक करना होगा। ये एक तरह से वीडियो गेम की तरह होगा, जिसे विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये तैयार किया गया है। एनसीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान दौर में युद्ध शैली पूरी तरह से बदल गई है। पहले टारगेट पर डिजिटली निशाना साधा जाता है और उसके बाद वार किया जाता है। सिमुलेटर प्रशिक्षण के जरिये एनसीसी कैडेट को आधुनिक युद्ध कला शैली सीखने को मिलेगी।
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