गाड़ी के वातानुकूलित कोच संख्या ए-वन में सवार यात्रियों का कहना था कि हरिद्वार से गाड़ी चलते समय ही कोच का एसी खराब था। इसकी वहीं शिकायत की गई लेकिन, कोच सहायक ने ध्यान नहीं दिया। गाड़ी के मथुरा पहुंचने पर भी एसी ठीक नहीं कराया गया। आगरा पहुंचने पर भी यात्रियों ने शिकायत की लेकिन, सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद शाम करीब 6.27 मिनट पर ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पहुंची, यहां यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। यात्री कोच से उतरकर हंगामा करने लगे।
गाड़ी जब आगे बढ़ने लगी तब यात्रियों ने चेन पुलिंग करके गाड़ी रोक दी। इससे गाड़ी फिर वहीं रुक गई। उधर, हंगामे और चेन पुलिंग की सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। यात्री आरपीएफ से भी उलझ गए। आरपीएफ कर्मियों ने उनको समझाने की कोशिश की लेकिन, वह शांत नहीं हुए। करीब 19 मिनट तक गाड़ी यहां खड़ी रही। मौके पर रेल अफसर भी पहुंच गए। इसके बाद गाड़ी में तीन मैकेनिक सवार किए गए। जिस पर यात्री गाड़ी आगे बढ़ने देने को राजी हुए। रेल अफसरों का कहना है कि वीरागंना लक्ष्मीबाई स्टेशन पहुंचने तक कोच का एससी ठीक करा दिया गया था।