झांसी। किसान पाठशालाओं में किसानों को पराली नहीं जलाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का पाठ पढ़ाया जा रहा है। शासन से आए अपर कृषि निदेशक एसी शर्मा ने ग्राम पूंछ के पास ग्राम चितगुवां और संयुक्त कृषि निदेशक एसएस सिंह ने बबीना ब्लाक के ग्राम पुनावली कलां में किसान पाठशालाओं में जैविक खेती करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि जैविक खेती से फसल का खर्च आधा हो जाता है और आमदनी दोगुनी होती है। इसलिए किसान जैविक खेती अपनाएं।
ग्राम चितगुवां में अपर कृषि निदेशक ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, सल्फर, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं कार्बन की क्षति होती है। किसान फसलों अवशेष न जलाएं, बल्कि आसपास की गोशाला में दो ट्राली अवशेष देकर बदले में एक ट्राली गोबर की खाद ले आएं और उसे खेतों में डालें। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। उन्होंने जैविक खेती और मशरूम उत्पादन पर जोर दिया।
इसी तरह संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि किसान अपने खेतों में गड्ढे खोदकर कंपोस्ट खाद तैयार करें और खेतों को उपजाऊ बनाएं। उन्होंने महिला किसानों से आह्वान किया कि कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल जैविक खेती में करें। इस मौके पर उप कृषि निदेशक के के सिंह, सहायक निदेशक मृदा संजीव कुमार, प्रधान जय सिंह, मास्टर ट्रेनर सतीश पचौरी, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
एक महीने तक होगा प्रचार- प्रसार
झांसी। किसानों को जैविक खेती के बारे में जागरूक करने के लिए कृषि विभाग ने किसान सेवा रथ शुरू किया है। यह वाहन एक महीने तक क्षेत्र में घूमेगा और किसानों को पराली से होने वाले नुकसान के साथ- साथ जैविक खेती के बारे में जागरूक करेगा। सोमवार को अपर कृषि निदेशक एसी शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। यह रथ झांसी जिले के साथ- साथ ललितपुर जिले में भी घूमेगा। इस मौके पर उप कृषि निदेशक के के सिंह आदि मौजूद रहे।