झांसी। झांसी में देह व्यापार वेबसाइट पर पनप रहा है। ये वेबसाइट मोबाइल पर ही पसंद की लड़की, हाउस वाइफ, रशियन व अन्य विदेशी युवतियों के चुनाव का मौका दे रही हैं। यही नहीं, वीआईपी और हाईप्रोफाइल लोगों के लिए खास लड़कियों के बंदोबस्त के भी दावे किए जा रहे हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट और वकीलों ने इसे अपराध बताया है।
कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रख ये वेबसाइट कॉलगर्ल और एस्कॉर्ट्स को लोगों के बेडरूम, पसंदीदा होटल तक पहुंचा रही हैं। झांसी ही नहीं, कुछ खास वेबसाइट लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में देह व्यापार की सुविधा मुहैया करा रही हैं। झांसी ही नहीं, ट्रेन के व्यस्ततम रूट पर होने के कारण दिल्ली, मुंबई व आस पास के जिलों के लोग भी पसंद की कालगर्ल के साथ समय बिताकर अपने-अपने शहरों को वापस चले जा रहे हैं।
एस्कार्ट्स शब्द का उठा रहे फायदा
कालगर्ल और एस्कार्ट्स उपलब्ध कराने का दावा करने वाली वेबसाइट एस्कार्ट्स की आड़ में काम कर रही हैं। दरअसल कई देशों में एस्कार्ट्स वे महिला या पुरुष होते हैं जिन्हें कुछ घंटे या दिन अपने साथ विचारों के आदान-प्रदान, चर्चा और मनोरंजन के लिहाज से साथ रखा जाता है। इसकी एवज में उनकी योग्यता के अनुसार भुगतान भी किया जाता है। कई देशों में एस्कार्ट्स को वैश्यावृत्ति नहीं माना जाता। लेकिन झांसी व प्रदेश के अन्य शहरों में प्रचार कर रहीं वेबसाइट तो दावा ही सेक्स का कर रही हैं।
पारीनाइट.कॉम का दावा
झांसी में देश के कोने-कोने और रशियन कॉलगर्ल मुहैया कराने का दावा है। साथ ही, टॉप वीआईपी मॉडल की भी व्यवस्था हो जाएगी।
तरह-तरह के सेक्स का भी प्रचार
वेबसाइट लोगों को लुभाने के लिए तरह-तरह के सेक्स के प्रकार का भी प्रचार कर रही हैं। इसमें लगभग सभी प्रकार के सेक्स का ऑनलाइन जिक्र है।
एस्कार्ट्स और कालगर्ल से विज्ञापन के भी वसूलती हैं पैसे
वेबसाइट पर एस्कार्ट्स और कालगर्ल के फोटो और डिटेल अपलोड करने के भी सप्ताह, महीने के आधार पर धन वसूल रही हैं।
‘अगर कोई लड़का और लड़की सहमति से देह संबंध स्थापित करते हैं तो इसे अपराध नहीं कहा जा सकता। लेकिन कोई व्यक्ति, समूह या संस्था इस काम के लिए लड़के, लड़कियों को देह व्यापार के लिए भेजता है तो यह अपराध है। इममॉरल ट्रैफिकिंग एक्ट 1956 के तहत संबंधित क्षेत्र का इंस्पेक्टर या उच्च श्रेणी का अधिकारी कार्रवाई कर सकता है ’
डॉ.त्रिवेणी सिंह, एसपी साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश पुलिस
‘आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। संगठित रूप से देह व्यापार को बढ़ावा देना अपराध है। साइबर सेल झांसी से पड़ताल कराकर मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी’
विवेक त्रिपाटी, एसपी सिटी
‘अनैतिक देह व्यापार अपराध की श्रेणी में आता है। ऑनलाइन सेक्स का प्रचार भी अपराध है। इस तरह के अपराध में अर्थदंड या तीन साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है। पुलिस ऐसे मामले में स्वत: संज्ञान लेकर भी एफआईआर दर्ज करा सकती है। किसी के शिकायत करने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है’
प्रणय श्रीवास्तव, सचिव जिला अधिवक्ता संघ