झांसी। कोरोना वायरस के चलते शासन ने इस बार भी अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की ही परीक्षा कराने के निर्देश विश्वविद्यालयों को दिए हैं। बुंदेलखंड में स्नातक, परास्नातक की पढ़ाई कर रहे अंतिम वर्ष के एक लाख छात्र-छात्राओं की परीक्षा होनी है। ऐसे में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ओएमआर शीट पर विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की योजना बना रहा है। जल्द ही इस पर मुहर भी लग सकती है।
कोरोना के चलते पिछली बार भी अंतिम वर्ष को छोड़कर स्नातक, परास्नातक के सभी विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं कराई गई और उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया। इस बार कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हुई और फिर से स्नातक प्रथम और द्वितीय, जबकि परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट करने का फैसला लिया गया है। ऐसे में बीयू विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अंतिम वर्ष के लगभग एक लाख छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं होनी है। कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षाएं जल्दी हो जाएं, इस वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा का पैटर्न बदलने पर विचार कर रहा है। इस बार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ओएमआर शीट पर परीक्षा करा सकता है। ताकि, विद्यार्थियों को ज्यादा लिखना न पड़े और जल्द ही परीक्षा हो जाए। छात्र-छात्राओं के लिए भी बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर देना ज्यादा सहूलियत भरा होगा।
दस विषयों में पहले से है प्रावधान
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन पहले से ही बीए, बीकॉम कोर्सों के आठ-दस विषयों में ओएमआर शीट पर परीक्षाएं करा रहा है। हालांकि, एमए, बीएससी, एमएमसी में यह व्यवस्था लागू नहीं थी।
इस बार ओएमआर शीट पर अंतिम वर्ष के सभी कोर्सों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराने पर विचार चल रहा है। जल्द ही इस संबंध में बैठक कर फैसला लिया जाएगा। इस बार लगभग एक लाख अभ्यर्थियों को अंतिम वर्ष की परीक्षा देनी है। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।